
न्यूज़ीलैंड के कप्तान केन विलियमसन मैदान पर वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं। चोट से वापसी कर रहे विलियमसन ने चेन्नई में बुधवार की शाम लगभग एक घंटा और फिर गुरुवार को भी अच्छा समय अभ्यास सत्र में बिताया। इसी साल मार्च में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पहले मुकाबले के दौरान चोटिल होने के बाद एक समय ऐसा लग रहा था कि विलियमसन विश्व कप में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। हालांकि, उन्होंने बेहतरीन रिकवरी की है।
बांग्लादेश के ख़िलाफ़ मैच से पहले विलियमसन ने कहा, “निश्चित तौर पर शुरुआत में मेरी वापसी संभव नहीं लग रही थी। सच कहूं तो बाहर की चीज़ों पर ध्यान देने की जगह केवल रिकवरी पर ध्यान देने का मुझे काफ़ी फायदा मिला है। सौभाग्यशाली रहा कि वापसी के दौरान मुझे और कोई झटका नहीं लगा। टीम में नाम आना ही मेरे लिए काफी अच्छी ख़बर थी।”
पाकिस्तान और साउथ अफ़्रीका के खिलाफ अभ्यास मैचों में विलियमसन को गेमटाइम मिला था। लगभग छह महीने के बाद पहली बार बल्लेबाज़ी करते हुए विलियमसन ने हारिस रउफ़ के खिलाफ लगातार तीन चौके लगाए थे। हैदराबाद में रिटायर होने से पहले उन्होंने 50 गेंदों में 54 रनों की पारी खेली थी। चेन्नई में दो ट्रेनिंग सेशन के दौरान भी विलियमसन की बल्लेबाज़ी को देखकर यक़ीन नहीं हो रहा था कि वह इतने लंबे समय तक बल्लेबाज़ी से दूर थे।
विलियमसन ने बताया, “रिकवरी कई छोटे क़दमों की एक बड़ी लंबी यात्रा थी। घुटने में ताक़त वापस लाना ही पहला लक्ष्य था। जैसे-जैसे घुटने पर भार बढ़ रहा था मुझे दर्द भी महसूस होता था, लेकिन यहां होना और अभ्यास मैचों का हिस्सा बनना मेरे लिए काफी बढ़िया चीज थी। आपको ये भी तय करना था कि फ़िटनेस संबंधी चीजों पर भी ध्यान दिया जाए।”
चेन्नई की पिच पर स्पिनर्स को मदद मिलने की पूरी संभावना है और ऐसे में विलियमसन की वापसी न्यूज़ीलैंड के लिए काफी बड़ी बूस्ट होगी। न्यूजीलैंड की वर्तमान टीम में विलियमसन और डेवन कॉन्वे को सबसे अच्छी स्पिन खेलने वाला बल्लेबाज़ माना जाता है। कॉन्वे अपने IPL के घरेलू मैदान पर खेलेंगे तो शायद उन्हें उस अनुभव से भी मदद मिले।