
प्रयागराज,25 दिसंबर। राज्यसभा सदस्य व सदन में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वह भगवान राम की पुजारी नहीं व्यापारी है।
श्री तिवारी पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि श्री रामजन्म भूमि पर मंदिर निर्माण का भाजपा को कोई इरादा नहीं था। वह तो उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद निर्माण कार्य हुआ है। लोकसभा चुनाव दस्तक दे रहा है, उस समय राजनीतिक लाभ लेने के प्रयास में 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा प्रधानमंत्री के हाथों करवा रही है।
राज्यसभा सदस्य ने कहा कि भगवान का नाम लोग तब लेते हैं जब वह कष्ट या संकट में हाेते हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)को लग रहा है कि 2024 में उसका सफाया हो जाएगा, तब श्रीराम के शरण में गयी हैं। वह भगवान राम की पुजारी नहीं व्यापारी है।
उन्होंने श्रीराम मंदिर का शिलान्यास स्थानीय पुरोहितो से कराने की बात कही और प्रधानमंत्री के वहां पहुंचने पर एतराज जताया है। उन्होंने कहा,“ मैं तो धन्यवाद सर्वोच्च न्यायालय को दूंगा जिसके आदेश पर मंदिर निर्माण कार्य शुरू हुआ, सौंदर्यीकरण शुरू हुआ। यह देश की जनता की इच्छाओं के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर हुआ है।