अयोध्या में मोदी रखेंगे विकास के नये युग की नींव

अयोध्या में मोदी रखेंगे विकास के नये युग की नींव

अयोध्या, 29 दिसंबर । देश दुनिया में करोड़ो रामभक्तों की आस्था के केंद्र अयोध्या में रामलला के श्रीविग्रह को भव्य मंदिर में सुशोभित किए जाने से पूर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राम की नगरी में शनिवार को करीब 16 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात देकर विकास के एक नये युग का सूत्रपात करेंगे।
    श्री मोदी अयोध्या में अपने एक दिवसीय दौरे में 15 हजार 700 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। श्रीराम की नगरी से देश के विभिन्न शहरों के लिए भी सौगातों का पिटारा खुलेगा। प्रधानमंत्री देश के अलग अलग स्टेशनों से संचालित होने वाली छह वंदे भारत और दो अमृत भारत ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इससे पहले श्री मोदी पुनर्विकसित अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसी के साथ 30 दिसंबर 2023 की तिथि अयोध्या के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हो जाएगी और भगवान श्रीराम की नगरी में विकास के नया युग का शुभारंभ होगा।
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुनर्विकसित अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन राष्ट्र को समर्पित करेंगे। साथ ही श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा-नई दिल्ली, अमृतसर-नई दिल्ली, कोयम्बटूर-बेंगलुरु, मंगलूरु-मडगांव, जालना-मुंबई एवं अयोध्या-आनंद विहार टर्मिनल के बीच छह वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के साथ ही अयोध्या-दरभंगा एवं मालदा टाउन-बेंगलुरु के बीच दो अमृत भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।
     सनानत संस्कृति के अनुसार, विश्व का पहला साम्राज्य वैवस्वत मनु द्वारा स्थापित किया गया था जिसकी राजधानी अयोध्या ही थी। यह अयोध्या नगरी ही थी जिसने राजा शिवि के बलिदान, भगीरथ की तपस्या, हरिश्चंद्र की सत्यवादिता, इक्ष्वाकु और रघु के पराक्रम का प्रतिमान रहे सूर्यवंश का साक्षात्कार किया और बाद में इसी कुल में जन्मे प्रभु श्रीराम द्वारा ‘राम राज’ के आदर्श को यथार्थ बनते देखा। ऐसी वैभवशाली अयोध्या सदियों की अपेक्षा और पराभव के बाद आज एक बार फिर उठ खड़ी हुई है और तेजी से अपने पुराने वैभव की ओर बढ़ चली है।
     कभी पुष्पक विमान का संचालन देख चुकी अयोध्या आज एक बार फिर महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में हवाई यातायात से जुड़ने को तैयार है। 1462.97 करोड़ रुपए की लागत से बना महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट आधुनिक सुविधाओं से लैस होने के साथ ही अयोध्या के त्रेतायुगीन वैभव की याद दिलाता है। इस एयरपोर्ट का वास्तु और डिज़ाइन बेहद ख़ास है। यह पूरी तरह से श्रीराम के जीवन से प्रेरित है तथा ‘नागर शैली’ के आधार पर इसका विकास किया गया है। इसके सात शिखर हैं जिसमें से एक मुख्य शिखर बीच में और आगे तीन और पीछे तीन शिखर हैं।  एयरपोर्ट पर प्रभु श्रीराम का चित्रण कई स्तरों पर किया गया है। एयरपोर्ट के बाहर तीर-धनुष का बड़ा म्युरल लगाया गया है जो श्रीराम के पुरुषार्थ का प्रतीक है। वहीं, एयरपोर्ट की लैंडस्केपिंग में रंगों के प्रयोग को पंच तत्वों से प्रेरित होकर रखा गया है। एयरपोर्ट का मुख्य भवन में सात खंबों का इस्तेमाल किया गया है जो रामायण के सात काण्ड को दर्शाते हैं।
    वहीं, सभी आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस एयरपोर्ट की सजावट में दो प्रकार की म्यूरल पट्टिकाओं का प्रयोग किया गया है, जिनका नाम दैविक व खंडिका पट्टियां हैं। इसके अतिरिक्त, एक वॉल म्यूरल महाबलि हनुमान को भी समर्पित किया गया है। इसमें हनुमान जी के जन्म से अयोध्या में प्रभु श्रीराम की आज्ञा अनुसार उनके स्थापित होने तक का पूरा चित्रण है। वहीं, तीन मंजिला ऊँचा राम दरबार और मधुबनी पेंटिंग में बना सीता-राम विवाह का चित्रण यहां आने वाले सभी लोगों का मन मोह लेगा।
     उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट से 11 जनवरी 2024 से अहमदाबाद और अयोध्या के बीच प्रतिदिन तीन उड़ानों का संचालन होगा। वहीं, छह जनवरी को पहली फ्लाइट दिल्ली से अयोध्या के बीच उड़ान भरेगी। शुरुआती संचालन के बाद इस एयरपोर्ट से इंटरनेशनल फ्लाइट्स को ऑपरेशनल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके बाद अयोध्या ग्लोबल सर्किट से सीधे तौर पर जुड़ जाएगा और यह अयोध्या के लिए खोए गौरव को प्राप्त करने वाला क्षण होगा।
प्रदीप
वार्ता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Designed and Developed by Prakhar Dixit