सही नीयत और क्रियान्वयन से पूरा होगा एक ट्रिलियन इकोनॉमी का लक्ष्य: योगी

सही नीयत और क्रियान्वयन से पूरा होगा एक ट्रिलियन इकोनॉमी का लक्ष्य: योगी

लखनऊ 08 जनवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि साफ नीयत, स्पष्ट लक्ष्य, सही नीति और सटीक क्रियान्वयन से उनकी सरकार उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करेगी।
       श्री योगी ने यहां नियोजन विभाग की एक बैठक में कहा कि पिछले साढ़े छह वर्षों के नियोजित प्रयासों से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था आज सार्वकालिक सर्वश्रेष्ठ स्थिति में है। 2021-22 में प्रदेश की कुल जीडीपी 16.45 लाख करोड़ थी जो आज 2022-23 में 22.58 लाख करोड़ से अधिक हो गई है। राष्ट्रीय आय में उत्तर प्रदेश 9.2 फीसदी का योगदान कर रहा है। उत्तर प्रदेश आज देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में देश के विकास का ग्रोथ इंजन बन रहा है।
      उन्होने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर के राष्ट्रीय मानकों का आंकलन करें इसमें भी हमें अपने प्रयासों के अच्छे परिणाम मिले हैं। 2021-22 में प्रचलित भावों पर उत्तर प्रदेश की वृद्धि दर 20.1 प्रतिशत रही, जबकि देश की विकास दर 18.4 फीसदी रही। जबकि स्थायी भाव पर राष्ट्रीय वृद्धि दर 9.1 प्रतिशत रही, जबकि प्रदेश में 9.8 फीसदी की वृद्धि दर दर्ज की गई। इसी प्रकार, 2022-23 में स्थायी भाव पर राष्ट्रीय वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रही, जबकि प्रदेश में 9.8 फीसदी की वृद्धि दर दर्ज की गई और प्रचलित भाव पर 14.3 फीसदी वृद्धि दर रही।
      मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान स्थिति में 2023-24 में प्रदेश की जीडीपी 25.55 लाख करोड़ से अधिक होने के अनुमान हैं, वर्ष 2027 तक वन ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य पूरा करने के लिए सभी विभागों को अपने प्रयास तेज करने होंगे। अपने कार्यों की और बेहतर प्लानिंग करनी होंगी। हमारी नीयत साफ है, लक्ष्य स्पष्ट है। सभी को मिलकर सही नीति और नियोजित क्रियान्वयन के लिए प्रयास करना होगा।
     उन्होने कहा कि सरकार की योजना लक्ष्य के अनुरूप हो, इसके लिए आंकड़ों का संग्रहण शुद्धता के साथ होना आवश्यक है। विभिन्न सेक्टर की स्थिति के सही आकलन के लिए विभागवार सांख्यकीय अधिकारियों के लिए कार्यशाला/प्रशिक्षण का आयोजन करें। हमारे पास पोटेंशियल है। आज अनुकूल अवसर हैं। इसका पूरा लाभ उठाना होगा। आर्थिक बेहतरी के लिए तय लक्ष्यों के सापेक्ष नियोजन विभाग द्वारा हर महीने सभी विभागों की प्रगति समीक्षा होनी चाहिए।
     श्री योगी ने कहा कि अर्थव्यवस्था के प्राथमिक खंड में सुधार के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का समावेश किया गया है। डिजिटल क्रॉप सर्वे जैसे प्रयास किए गए हैं।।इसे सभी 75 जिलों में प्रभावी ढंग से लागू करना होगा। गन्ना के अन्तर्गत क्षेत्रफल तथा उत्पादन के वर्ष 2021-22 में 26.8 प्रतिशत, औद्यानिक फसलों के उत्पादन में 31.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विभिन्न फसलों में उच्च प्रजाति की किस्मों के आँकड़ों का समावेश किया गया है। दलहन तथा तिलहन में उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिये राज्य प्रायोजित स्कीमों का क्रियान्वयन के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। फसल विविधीकरण एवं बेहतर सप्लाई चेन मैनेजमेंट और बेहतर करने की आवश्यकता है।
    उन्होने कहा कि दुग्ध उत्पादन में राज्य पुनः शीर्ष स्थान पर है। वार्षिक प्रगति दर 12.80 प्रतिशत के साथ अण्डा उत्पादन में सर्वाधिक प्रगति करने वाला तीसरा राज्य है। द्वितीयक खंड में इंडस्ट्रियल पॉवर कंजप्शन में 17.0 फीसदी की वृद्धि हुई है। औद्योगिक प्राधिकरण क्षेत्र में स्थापित इकाइयों का सर्वेक्षण, अप्रयुक्त प्लॉटों का चिन्हीकरण। नये इन्डस्ट्रियल कॉरिडोर की स्थापना हो रही है। 10 स्थानों पर प्लेज पार्क की स्थापना हो रही है।
     होटल/रेस्टोरेंट, ट्रान्सपोर्ट, संचार, रियल एस्टेट, प्रोफेशनल सर्विस, लोक सेवा, रक्षा व अन्य सेवाओं वाले तृतीयक खंड में प्रदेश तेजी से तरक्की कर रहा है। पर्यटन सेक्टर से जुड़ी सेवाओं में अभूतपूर्व विकास हुआ है। 2023 में आई पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की रिपोर्ट के अनुसार 2022 में उत्तर प्रदेश सर्वाधिक पर्यटक आगमन वाला प्रदेश हो गया है। 2022-23 में प्रदेश में 31.8 करोड़ पर्यटकों का आगमन हुआ। वाराणसी, मथुरा और अयोध्या इसके प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं। आने वाले दिनों में इसमें उत्तरोत्तर विकास सुनिश्चित है।
    उन्होने कहा कि घरेलू पर्यटकों के साथ-साथ हमें विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनानी होगी। संभावित देशों को चिन्हित करें। प्रदेश की ब्रांडिंग के लिए इन देशों के अनुसार नीति तैयार करें।

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