कांग्रेस ने घोंटा था लोकतंत्र का गला:शाही

कांग्रेस ने घोंटा था लोकतंत्र का गला:शाही

लखनऊ, 25 जून। आपातकाल की 48वीं बरसी पर योगी सरकार ने राजधानी में लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में समारोह का आयोजन किया। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के आवास पर रविवार को आयोजित इस सम्मान समारोह में वित्तमंत्री सुरेश खन्ना और कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख सहित सैकड़ों की संख्या में लोकतंत्र सेनानी मौजूद रहे। सरकार के मंत्रियों ने सभी लोकतंत्र सेनानियों को माला पहनाकर तथा शॉल भेंटकर सम्मानित किया। आपातकाल के दौरान हुई बर्बरता को याद करते हुए प्रमुख लोकतंत्र सेनानियों ने अपने विचार व्यक्त किये। वहीं कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने देश पर आपातकाल थोपने वाली कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जिन्होंने देश के लोकतंत्र का गला घोंटने का कार्य किया था उसके नेता आज दूसरे देशों में जाकर भारत को अपमानित करने का कार्य कर रहे हैं।

कांग्रेस ने पूरे देश को बना दिया था जेल
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान कांग्रेस ने केवल कम्युनिस्टों को छोड़कर सम्पूर्ण विपक्ष को गिरफ्तार कर लिया था। पूरे देश को जेल बनाकर रख दिया गया था। ऐसे में हजारों-हजार की संख्या में युवाओं ने जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व में लोकतंत्र की हिफाजत के लिए संघर्ष किया। लखनऊ विश्वविद्यालय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों की इसमें अहम भूमिका रही। कृषि मंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों से बर्बरता की हर हद पार की गईं। बरेली जेल में हाथ पांव में कीलें ठोंकने की घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान मैं भी संघर्ष का छोटा सा सिपाही था। देवरिया में मेरे पिताजी सबसे पहले गिरफ्तार किये जाने वाले व्यक्ति थे, साथ ही उनपर मीसा की धाराएं लगाई गई। खुद मेरे ऊपर भी 22 मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया और मेरे घर की कुर्की की गई। मेरे ऊपर रेलवे लाइन को उखाड़ने का आरोप लगा। आलम ये था कि आपातकाल के दौरान हाईस्कूल और इंटर के छात्रों को कांग्रेस सरकार ने गिरफ्तार करके जेल में ठूंसने का कार्य किया था। कई छात्रों ने जेल से ही परीक्षाएं पास कीं।

सबका था एक ही लक्ष्य तानाशाह कांग्रेस को उखाड़ फेंकना है
कृषि मंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि उस वक्त देशभर के नौजवानों का एक ही लक्ष्य था कि कैसे भी कांग्रेस की तानाशाही को उखाड़ फेंकना है। इसके लिए लखनऊ विवि, बीएचयू और इलाहाबाद विवि के छात्रों का संयुक्त संघर्ष मोर्चा बना था। उस संघर्ष का ही परिणाम है कि देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना हुई। आज देश और उत्तर प्रदेश आप सभी लोकतंत्र सेनानियों के सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। सरकार आप सभी लोकतंत्र सेनानियों के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करती है। आपका मार्गदर्शन और आशीर्वाद हमें मिलता रहे।

इस दौरान मुख्य रूप से अच्युतानंद मिश्र, हृदयनारायण दीक्षित, सत्यदेश त्रिपाठी, विरेश्वरजी, डॉ सुरजीत सिंह, के विक्रम राव सहित बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी मौजूद रहे।

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