
ब्रासीलिया, 20 फरवरी : ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा ने लैटिन अमेरिकी देश के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा को इजरायल में अवांछित व्यक्ति घोषित किए जाने के बाद इजरायली राजदूत को तलब किया।
ब्राजील के न्यूज पोर्टल जी1 ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। गौरतलब है कि श्री लूला ने रविवार को अदीस अबाबा में संवाददाताओं से कहा कि गाजा पट्टी में इज़राइल का सैन्य हस्तक्षेप ‘युद्ध नहीं है, बल्कि नरसंहार है।’ उन्होंने इसकी तुलना उस नरसंहार से की,“जब हिटलर ने यहूदियों को मारने का फैसला किया था। इसके बाद इज़रायल विदेश मंत्री इज़रायल काट्ज़ ने सोमवार को ब्राजील के राजदूत फेडेरिको मेयर को याद वाशेम स्मारक पर बुलाया था। यह स्मारक नरसंहार के पीड़ितों को समर्पित है।” इस दौरान उन्होंने ब्राजील के राष्ट्रपति की टिप्पणियों पर उन्हें फटकार लगाई और इसे ‘यहूदी विरोधी अत्यंत गंभीर हमला’ बताया। बाद में,श्री काट्ज़ ने श्री लूला को उनके बयान पर अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया।
उधर, ब्राजील के 60 से अधिक सांसदों ने गाजा संघर्ष पर श्री लूला के बयान पर महाभियोग चलाने के लिए एक याचिका दायर करने का फैसला किया।
ब्राज़ीलियाई सांसद कार्ला ज़ाम्बेली ने एक्स पर कहा कि किसी विदेशी राज्य के खिलाफ शत्रुतापूर्ण कार्य करने, देश को युद्ध के खतरे में डालने या किसी अन्य देश की तटस्थता का उल्लंघन करने पर महाभियोग की घोषणा की जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि हमास ने गत सात अक्टूबर के इजयराल की सीमा में घुस कर हमला किया गया और गाजा पट्टी के बड़े पैमाने पर राकेट दागे गए। इस दौरान हमास के लड़ाकों ने 240 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया था और 1200 लोग मारे गए थे। इसके बाद इजरायल में जवाबी कार्रवाई करते हुए गाजा पट्टी में हमले शुरू किये। अब तक गाजा पट्टी में 29, 000 लोग मारे गए हैं।