
कोलकाता, 28 फरवरी। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं अधिवक्ता कौस्तव बागची ने बुधवार को तत्काल प्रभाव से पार्टी की सदस्तता से इस्तीफा दिया और घोषणा की कि वह 2-3 दिनों में एक नयी राजनीतिक पारी शुरू करेंगे।
बहुत समय पहले अपना सिर मुंडवाने वाले और बंगाल की ममता सरकार को सत्ता से बेदखल किए जाने तक ऐसे ही स्थिति में रहने की कसम खाने वाले श्री बागची ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के राज्य प्रमुख अधीर रंजन चौधरी को ईमेल के माध्यम से पार्टी के सभी पदों के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देने की घोषणा की।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा “यह बहुत शर्मनाक है और मुझे चोट पहुंचा रहा है, बल्कि कुछ महीनों से मेरा अपमान हो रहा है क्योंकि कई कांग्रेसी तृणमूल कांग्रेस को कांग्रेस की बहन का संगठन बोल रहे हैं।”
श्री बागची ने कहा कि वह वर्षों से देख रहे हैं कि कांग्रेस में किसी भी राष्ट्रीय नेता ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के आतंक के शासन का विरोध नहीं किया है। उन्होंने कहा कि “संदेशखली की घटना पर पार्टी ने एक शब्द भी नहीं कहा है, जो वर्तमान में उत्तर 24 परगना जिले में महिलाओं पर कथित यौन प्रताड़ना और गरीब आदिवासियों की जमीन पर जबरन कब्जा करने से उबल रहा है।”
श्री बागची को हाल में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के साथ देखा गया था, जब राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता पूजा के अवसर पर उनके घर गए थे।
विभिन्न अदालती मामलों में अपनी पार्टी के सदस्यों का बचाव करने वाले और नियमित रूप से टेलीविजन की वार्ता में हिस्सा लेते रहे श्री बागची ने कहा कि श्री अधिकारी पश्चिम बंगाल में एकमात्र राजनेता थे जो तृणमूल कांग्रेस के कुशासन के खिलाफ लड़ रहे हैं।