पाकिस्तान ने चुनाव में धांधली की जांच पर अमेरिकी ‘निर्देशों’ को किया खारिज

पाकिस्तान ने चुनाव में धांधली की जांच पर अमेरिकी ‘निर्देशों’ को किया खारिज

इस्लामाबाद 02 मार्च । पाकिस्तान ने चुनावी विसंगतियों की जांच करने के अमेरिका के सुझाव को खारिज कर दिया है और इस बात पर जोर दिया है कि वह बाहरी आदेशों के आगे नहीं झुकेगा।
समाचारपत्र ‘डॉन’ की शनिवार को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में  स्पष्ट रूप से कहा कि कोई भी देश पाकिस्तान को निर्देश नहीं दे सकता, जो एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है।
गत आठ फरवरी को हुए चुनावों में कदाचार के आरोपों के संबंध में अपने अमेरिकी समकक्ष द्वारा की गई टिप्पणियों का जवाब देते हुए सुश्री बलूच ने कहा,“हम पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के बारे में निर्णय लेने के अपने संप्रभु अधिकार में विश्वास करते हैं।”
इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा कि हस्तक्षेप या धोखाधड़ी के किसी भी दावे की ‘पाकिस्तान के अपने कानूनों और प्रक्रियाओं के अनुसार पूरी तरह और पारदर्शी तरीके से जांच की जानी चाहिए।’
एक अन्य अवसर पर उन्होंने कहा,“रिपोर्ट की गई अनियमितताओं की जांच के संबंध में, हम उन जांचों को आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं। साथ ही जितनी जल्दी हो सके समाप्त भी हो जाएं।”
ये टिप्पणियां – विशेष रूप से पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) समर्थित उम्मीदवारों की ओर से पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) द्वारा अभूतपूर्व देरी के बाद घोषित चुनाव परिणामों में छेड़छाड़ और हेराफेरी के आरोपों से प्रेरित थीं।
ईसीपी और कार्यवाहक सरकार ने आरोपों का दृढ़ता से खंडन किया है और राजनीतिक दलों से अदालतों तथा अन्य उचित चैनलों के माध्यम से अपनी शिकायतों के लिए कानूनी उपाय अपनाने का आग्रह किया है।
श्री मिलर चुनावों पर चिंता व्यक्त करने वाले एकमात्र अमेरिकी अधिकारी नहीं हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के ग्रेगोरियो कैसर के नेतृत्व में लगभग 35 कांग्रेस सदस्यों ने राष्ट्रपति जो बाइडेन और राज्य सचिव एंटनी ब्लिंकन को पत्र लिखकर चुनाव के बाद इस्लामाबाद में बनी नई सरकार को मान्यता नहीं देने का आग्रह किया है।
पत्र के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए सुश्री बलूच ने कहा, “यह अमेरिका में सार्वजनिक अधिकारियों के बीच एक संचार है और पाकिस्तान सरकार को संबोधित नहीं है। इसलिए हमारे पास ऐसे पत्रों पर देने के लिए कोई टिप्पणी नहीं है।”
सुश्री बलूच ने कहा कि पाकिस्तान एक ‘गतिशील लोकतंत्र’ है और उसके पास चुनाव या लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से संबंधित किसी भी मुद्दे के समाधान के लिए आवश्यक घरेलू ढांचे हैं। प्रवक्ता ने भविष्य में किसी भी वित्तीय सहायता को चुनाव के ऑडिट से जोड़ने के लिए पीटीआई द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष को लिखे गए पत्र पर भी टिप्पणी करने से परहेज किया।
उन्होंने कहा,“जैसा कि आप जानते हैं प्रधानमंत्री ने इस मामले पर एक बयान दिया है। वित्त मंत्रालय आईएमएफ से संबंधित मुद्दों पर नेतृत्व करता है, इसलिए वह इस विषय पर टिप्पणी करने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे।”

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