
दुबई, 26 जून। भारतीय लेग-स्पिनर और पूर्व अंडर-12 राष्ट्रीय शतरंज चैंपियन युज़वेंद्र चहल ने भले ही पेशेवर तौर पर शतरंज का दामन छोड़ दिया हो, लेकिन इस खेल से मिला धैर्य क्रिकेट में उनके बहुत काम आया है। ग्लोबल चेस लीग (जीसीएल) की टीम एसजी एल्पाइन वॉरियर्स के अंबैसडर चहल ने कहा, “मुझे मेरी पहली जर्सी शतरंज के ज़रिये ही मिली। मैंने बीते वर्षों में इस खेल से धैर्य सीखा है। इससे मुझे क्रिकेट में भी मदद मिलती है क्योंकि कभी-कभी अच्छी गेंदबाजी के बाद भी मुझे विकेट नहीं मिलता। ऐसे समय पर धैर्य बेहद काम आता है।” टेक महिंद्रा और अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे) के संयुक्त प्रयास से आयोजित जीसीएल को मैगनस कार्लसन और विश्वनाथन आनंद जैसे पूर्व विश्व चैंपियनों से वाहवाही मिली है। इस टूर्नामेंट का पहला सीजन दुबई में 21 जून को शुरू हुआ और इसका समापन दो जुलाई को होगा। चहल ने जीसीएल के टीम प्रारूप की तारीफ करते हुए कहा कि यह शतरंज का आईपीएल है। चहल ने कहा, “भारत में हम हमेशा क्रिकेट को देखते हैं, लेकिन जीसीएल शतरंज का आईपीएल है। यह इस टूर्नामेंट का पहला संस्करण है इसलिए आईपीएल से तुलना ठीक नहीं, लेकिन यह एक शानदार पहल है क्योंकि लोग शतरंज और लीग के बारे में और अधिक जानने के लिये उत्सुक होंगे।” उन्होंने कहा, “मिश्रित टीमों का नया प्रारूप भी एक शानदार चीज़ है। मैं लगभग 10-15 वर्षों से प्रतीक्षा कर रहा हूं। अब आप नये खिलाड़ियों को आते हुए देखेंगे और लोग जीसीएल के बारे में बात करेंगे। जब यह उस स्तर पर आएगा तो मुझे बहुत खुशी होगी।” शतरंज और भारतीय क्रिकेट टीम के बारे में पूछे जाने पर चहल ने कहा कि वे यात्राओं के दौरान अपनी टीम के साथियों के संग खेलते हैं। उन्होंने कहा, “(हंसते हुए) भारतीय टीम में ऐसा कोई नहीं है जो मुझे हरा सके। कभी-कभी मैं रविचंद्रन अश्विन के साथ खेलता हूं, और फिर हमारे ट्रेनर शंकर बसु होते हैं जिनके साथ मैं खेलता था। हम उड़ानों के दौरान और यात्रा करते समय काफी खेलते थे।” उन्होंने कहा, “मैं खेल से पहले यात्रा के दौरान कभी-कभी शतरंज खेलता हूं क्योंकि इससे मुझे शांत रहने में मदद मिलती है। और विशेषकर उड़ानों के दौरान, मैं शतरंज खेलता हूँ। शतरंज अब बढ़ रहा है, और मुझे इस खेल से जुड़े हुए दो दशक हो गए हैं। यह (शतरंज) मेरा पहला प्यार है।”