किसानों के योगदान से ही भारत विकसित राष्ट्र बनेगा: धनखड़

किसानों के योगदान से ही भारत विकसित राष्ट्र बनेगा: धनखड़

रूद्रपुर/नैनीताल, 30 मई । उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ गुरुवार को कैंची धाम दर्शन के बाद पंतनगर स्थित प्रसिद्ध गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पहुंचे। उप राष्ट्रपति ने कहा कि कृषकों के योगदान से ही भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र होगा।
     पंतनगर एयरपोर्ट पर उत्तराखण्ड के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह तथा कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान के साथ ही जिलाधिकारी उदयराज सिंह ने उनका स्वागत किया।
इसके उपरांत श्री धनखड़ तराई भवन पहुंचे। यहां उन्होंनेे अपनी धर्मपत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ के साथ चंदन का पौधारोपण किया।
    इसके बाद उप राष्ट्रपति ने नाहेप भवन में कृषि उत्पाद स्टालों का निरीक्षण किया और कृषि संग्रहालय का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने विवि के स्थापना से लेकर अभी तक की पूरी जानकारी ली। संग्रहालय से श्री धनखड़ काफी प्रभावित हुए।
   मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में किसान अपने को तकनीकी रूप से आगे बढ़ायें। उन्होंने कहा कि बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था में किसानों को अपना योगदान देना है तो किसानों को तीन बातों के लिए वचनबद्ध होना पड़ेगा।
    किसानों को कृषि के साथ ही कृषि उद्योगों से जुड़ना होगा। किसान अपना उत्पाद तुरंत बेच देते हैं, जिससे उनको उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है और उन्हें आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने अधिक लाभ कमाने के लिए वेयर हाउसिंग बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा यह देखा जाता है कि किसान दूध और छाछ तक ही सीमित रहता है। अब समय आ गया है कि दूध से आइसक्रीम, पनीर और सभी प्रकार के  दुग्ध उत्पाद तैयार कर बाजार में बेचें।
उन्होंने कहा कि किसानों को आय बढ़ाने के लिए कृषि उत्पादों की ब्रैंडिंग, पैकेजिंग कर संगठित बाजार एवं क्लस्टरों से जुड़ना होगा ताकि वे अधिक से अधिक लाभ उठा सकें।
    इस दौरान विवि के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान, जिलाधिकारी उदयराज सिंह, एसएसपी मंजूनाथ टीसी, सीडीओ मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक क्राइम चंद्रशेखर घोड़के,  अपर जिलाधिकारी अशोक कुमार जोशी, उपजिलाधिकारी मनीष बिष्ट, कौस्तुभ मिश्र, रविन्द्र जुवांठा, गौरव पांडे, नगर उपायुक्त शिप्रा जोशी, मुख्य उद्यान अधिकारी भावना जोशी, प्रोबेशन अधिकारी व्योमा जैन, शोध निदेशक डॉ. अजीत सिंह नैन, सीजीएम फार्म डॉ. जयंत सिंह आदि मौजूद रहे।

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