त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी सिंगापुर ओपन के सेमीफाइनल में

त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी सिंगापुर ओपन के सेमीफाइनल में

कल्लांग 31 मई । त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद की युवा भारतीय बैडमिंटन जोड़ी शुक्रवार को दक्षिण कोरिया की कित सो यंग और कोंग ही योंग की जोड़ी को हराकर सिंगापुर ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
     बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 टूर्नामेंट में आज यहां भारतीय जोड़ी ने दक्षिण कोरिया की किम सो यंग और कोंग ही योंग की जोड़ी को 79 मिनट तक चले बेहद ही रोमांचक क्वार्टरफाइनल मुकाबले में 18-21, 21-19, 24-22 से हराकर प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में जगह बनाई।
    भारतीय महिला युगल की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कोरिया की किम-कोंग की जोड़ी ने पहले गेम में बढ़त के साथ त्रिशा-गायत्री की जोड़ी पर दबाव बनाया। हालांकि एक समय गेम 4-4 की बराबरी पर चल रहा था लेकिन इसके बाद कोरियाई जोड़ी ने बढ़त के साथ पहले गेम में अपनी पकड़ मजबूत की।
     त्रिशा और गायत्री की भारतीय जोड़ी ने अंक के अंतर को कम किया लेकिन पहले गेम में वह बढ़त हासिल नहीं कर सकीं और उन्हें मैच में 1-0 से पिछड़ना पड़ा।
    मैच के दूसरे गेम में कांटे की टक्कर देखने को मिली। इस गेम में काफी उतार चढ़ाव देखा गया पहले भारतीय जोड़ी ने 7-3 की बढ़त के साथ शानदार शुरुआत की। इसके बाद किम-कोंग की कोरियाई जोड़ी ने पलटवार करते हुए 11-9 की बढ़त हासिल कर ली। भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने फिर से शानदार खेल का मुजाहिरा करते हुए गेम को 19-19 की बराबरी पर पहुंचा कर मैच में वापसी की। भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार दो अंक हासिल करते हुए दूसरे गेम को जीत कर मैच में 1-1 की बराबरी कर ली।
    दोनों टीम मैच तीसरे और निर्णायक गेम को जीत कर प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में प्रवेश करना चाह रही थीं। भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी लय बरकरार रखते हुए 5-3 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद त्रिशा-गायत्री की जोड़ी ने अपनी बढ़त को बनाए रखा। मैच का सबसे रोमांचक पल तब आया जब दोनों टीम 20-20 की बराबरी पर पहुंच गई। यहां से किसी भी टीम को सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए लगातार दो अंक हासिल करने थे।
    फिर ड्यूस और मैच प्वाइंट का सिलसिला शुरु हुआ और खेल 22-22 तक पहुंच गया लेकिन अंत में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार दो अंक हासिल करके गेम को 24-22 से अपने नाम करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *