
इटावा, 28 जून । उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर इटावा में स्थित चंबल नदी पर करीब पचास साल पुराना जर्जर पुल शुक्रवार को भारी वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया है।
जिला प्रशासन ने इस पुल को खोलने से पहले पीएनसी कंपनी को इस बात के निर्देश दिए है कि खनन से जुड़े हुए ओवरलोड वाहनों का संचालन कतई ना हो पाए अगर ओवरलोड वाहनों का संचालन होता है और पुल किसी भी तरह से होता है तो इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से पीएनसी कंपनी की होगी।
चंबल नदी के इस पुल से प्रतिदिन मध्य प्रदेश की ओर से उत्तर प्रदेश की सीमा में खनन से जुड़े हुए करीब दो से लेकर के ढाई हजार बड़े वाहनों का आवागमन होता है जिस कारण चंबल नदी का यह पुल करीब एक दर्जन से अधिक दफा क्षतिग्रस्त हो चुका है जिसको दुरस्त करने के लिए करोड़ों रुपए जाया किए जा चुके हैं ।
चंबल नदी के जर्जर पुल को खोलने का निर्णय इटावा के जिलाधिकारी अवनीश राय ने लेते हुए आदेश जारी किया है। उन्होने बताया कि जिला प्रशासन ने मध्य प्रदेश की पीएनसी कंपनी के साथ चंबल पुल के रखरखाव के लिए एक एमओयू भी करार किया है, जिसके आधार पर अगर पुल भारी वाहनों के गुजरने से क्षतिग्रस्त होता है तो पूरी व्यवस्था पीएनसी कंपनी की ओर से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पीएनसी कंपनी की ओर से चंबल नदी के दोनों किनारो पर क्रेन के साथ-साथ में अन्य सुरक्षा इंतजाम भी किए जाएंगे ताकि खनन से जुड़े हुए ओवरलोड वाहन किसी भी सूरत में पास ना हो सके। इसके साथ ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती भी दोनों राज्यों के अधिकारियों की निगरानी में रहेगी।
गौरतलब है कि चंबल पुल क्षतिग्रस्त होने के चलते आठ जून 2023 से पुल से निकलने वाले भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई गई थी।