
आगरा, 24 जुलाई : विश्व के सात आश्चर्यों में शुमार ताजमहल को देखने की दीवानगी लोगों में किस हद तक है, इसका एक नजारा मंगलवार को देखने को मिला, जब हिमाचल पुलिस के सिपाही हथकड़ी लगे एक कैदी को लेकर ताजमहल दिखाने पहुंच गई। हालांकि ताजमहल के प्रवेश द्वार पर तैनात कर्मियों ने उन्हें प्रवेश नहीं दिया। इस पर उन्हें बिना ताज देखे ही लौट जाना पड़ा।
कैदी के साथ प्रवेश द्वार तक पहुंचे पुलिसकर्मियों का कुछ लोगों ने मोबाइल फोन से वीडियो बना लिया। यह वीडियो वायरल करने के साथ ही लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए कि क्या हिमाचल पुलिस इनके खिलाफ कोई एक्शन लेगी।
वहीं एसीपी ताज सुरक्षा सैयद अरीब अहमद ने मीडिया से कहा कि कैदी के साथ आए हिमाचल के पुलिसकर्मियों को सुरक्षा बेरिकेडिंग की शुरुआत में ही क्यों नहीं रोका गया, इसकी जांच कराई जाएगी।
गौरतलब है कि मंगलवार की दोपहर तीन बजे करीब सफेद रंग की हिमाचल पुलिस की जीप ताजमहल पूर्वी गेट के निकट अमर विलास बैरियर पहुंची थी। जीप से चार पुलिसकर्मी और हथकड़ी लगाए एक कैदी उतरा। वहां मौजूद स्थानीय पुलिसकर्मियों ने हथियार के साथ जाने से रोक दिया। इस पर एक पुलिसकर्मी हथियार लेकर वहीं बैठ गया और शेष तीनों कैदी को लेकर ताजमहल की ओर चले गए। उन्होंने ताजमहल का टिकट खरीदा और पूर्वी गेट पर पहुंच गए। यहां एएसआई और एडीए के कर्मचारियों ने हथकड़ी के साथ कैदी को अंदर ले जाने से मना कर दिया। इस पर पुलिसकर्मी बैरंग वापस लौट गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कैदी को हथकड़ी लगी थी पर पुलिसकर्मी उसे खुला छोड़ कर चल रहे थे। कैदी खुद हथकड़ी की रस्सी हाथ में लपेट कर आराम से चल रहा था। यह देख लोगों ने उनका वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसपर पुलिसकर्मी मोबाइल फोन छीनने का प्रयास करने लगे। लोगों की संख्या बढ़ने पर स्थानीय पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझा कर वहां से निकाल दिया।