
लखनऊ, 25 जुलाई : कृषि क्षेत्र में अग्रणी कम्पनी एचएल एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 499.99 करोड़ के नियोजित निवेश के साथ कानपुर देहात में अपनी मक्का स्टार्च एवं तरल ग्लूकोज इकाई के विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना की शुरूआत की है।
वैश्विक खाद्य एवं पेय उद्योगों के लिए संयंत्र आधारित कच्चे माल के उत्पादन, विपणन तथा आपूर्ति में विशेषज्ञता रखने वाली इस कंपनी का कानपुर में मुख्यालय है। एचएल एग्रो मुख्य रूप से घरेलू बिक्री तथा भारत से देशी स्टार्च/तरल ग्लूकोज एवं इसके डेरिवेटिव्स के निर्यात में लगी हुई है। वर्तमान में, कंपनी के पास रनिया, कानपुर देहात में मक्का पीसने की इकाई है, जिसकी पेराई क्षमता लगभग 300 टन प्रतिदिन (टीपीडी) है, जिसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 1200 टन प्रतिदिन (टीपीडी) करने की योजना है।
प्रदेश सरकार की औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के अनुरूप एचएल एग्रो ने अपने मौजूदा संयंत्र के परिसर में विस्तार की योजना बनाई है, जिसमें कनेक्टिविटी, कच्चे माल की उपलब्धता, एवं उपयोगिताओं आदि के संदर्भ में पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं हैं।
एच.एल. एग्रो के प्रवक्ता एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) अतुल रस्तोगी ने कहा “ उत्तर प्रदेश सरकार ने बहुत सहयोग किया, पूरी प्रक्रिया बहुत ही सहज रही, नौकरशाही की कोई बाधा या अनावश्यक कागजी कार्रवाई नहीं हुई। इन्वेस्ट यूपी के सदस्य अक्सर हमसे संपर्क करते थे एवं हमारी समस्याओं के बारे में पूछते थे और सहायता प्रदान करते थे। यूपी सरकार के सकारात्मक एवं मददगार रवैये ने अनुभव को सहज बना दिया, ऐसा लगा जैसे हम किसी सामान्य सरकारी विभाग से निपटने के बजाय किसी सक्रिय भागीदार के साथ सहयोग कर रहे हों।”
परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि यह विस्तार कंपनी की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। हम न केवल अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार कर रहे हैं बल्कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि में भी योगदान दे रहे हैं, युवाओं के लिए रोजगार पैदा कर रहे हैं एवं उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हमारी उन्नत प्रसंस्करण इकाइयाँ तथा अंतर्राष्ट्रीय मानकों का पालन यह सुनिश्चित करता है कि हम भविष्य में भारतीय एवं विदेशी खरीददारों को केवल सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता वाले उत्पाद प्रदान करें। हम आगे आने वाले अवसरों को लेकर उत्साहित हैं एवं कृषि प्रसंस्करण क्षेत्र में सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
रस्तोगी ने कहा कि विस्तार के बाद कंपनी डेक्सट्रोज मोनोहाइड्रेट, माल्टो डेक्सट्रिन पाउडर, डेक्सट्रोज एनहाइड्रस तथा सोर्बिटोल का भी निर्माण करेगी। उन्होंने कहा, “व्यावसायिक परिचालन शुरू होने के बाद, अब हम वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए अक्टूबर-नवंबर 2024 तक अपनी निर्यात रणनीति को लागू करने की योजना बना रहे हैं।”
वर्तमान में कंपनी की उत्तर प्रदेश में मक्का स्टार्च पाउडर (एमएसपी) एवं तरल ग्लूकोज (एलजी) श्रेणी में लगभग नौ से दस फीसदी की बाजार हिस्सेदारी है। श्री रस्तोगी ने कहा, “ मौजूदा वितरकों, अंतिम उपभोक्ताओं, नए उपभोक्ताओं, प्रतिस्पर्धियों एवं बाजार एजेंटों के साथ हमारे विश्लेषण के आधार पर, हमने पाया है कि मांग एवं आपूर्ति में बहुत बड़ा अंतर है। हालांकि, हम अपनी सीमित उत्पादन क्षमता के कारण बाजार में ग्राहकों की मांग तथा अवसरों को पूरा करने में असमर्थ थे। अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने एवं मक्का स्टार्च पाउडर (एमएसपी) एवं तरल ग्लूकोज (एलजी) की मौजूदा तथा बढ़ती मांग पर विचार करने के बाद, हमें उम्मीद है कि हम घरेलू तथा निर्यात बाजार में अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ा पाएंगे।”