
देहरादून, 07 अगस्त। उत्तराखंड के चमोली जिले में बुधवार शाम को रास्ता भटक कर तेज बरसाती धारा में फंसे चार साधुओं को राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) ने कड़ी मेहनत के बाद देर शाम सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया।
एसडीआरएफ प्रवक्ता प्रमोद पटवाल ने देर रात बताया कि कोतवाली बदरीनाथ से जानकारी मिली थी कि कुछ साधु चरण पादुका के पास रास्ता भटक गए हैं। इस सूचना पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए, उप निरीक्षक दीपक सामंत के नेतृत्व में राहत एवं बचाव टीम 07:10 बजे शाम घटना स्थल के लिए रवाना हुई। उन्होंने बताया कि राहत एवं बचाव दल कठिन और दुर्गम पहाड़ी रास्ते पर 03 किलोमीटर का पैदल चलकर मौके पर पहुंची। जहां विपरीत स्थिति में, ये साधु तेज वेग से चलती बरसाती धारा के दूसरी ओर फंसे हुए थे।
श्री पतवाल ने बताया कि एसडीआरएफ टीम ने उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए बरसाती धारा के बीच में फंसे साधुओं तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की। टीम ने अपनी तत्परता और कुशलता से कार्य करते हुए, कुछ ही समय में चरण पादुका पहुंचकर वहाँ फंसे हुए साधुओं को सकुशल निकाला। उन्होंने बताया कि बचाए गए ये साधुओं में बाबा सर्वेश्वर ( 32 वर्ष), जितेंद्र गिरी महाराज ( 38 वर्ष) , शिवानंद सरस्वती (31 वर्ष) और बाबा हरिलाल ( 82 वर्ष) शामिल हैं। राहत एवं बचाव दल ने इन सभी को सुरक्षित आश्रम में पहुँचा दिया है। उन्होंने बताया कि इस राहत एवं बचाव दल में उप निरीक्षक दीपक सामंत के साथ सहायक उप निरीक्षक मंगल भाकुनी, आरक्षी हरीश गोस्वामी, देवेंद्र लाल, कृष्ण कार्की, नरेंद्र लाल, संदीप और पैरामैडिक्स राहुल भण्डारी शामिल रहे।