देश के पांच बड़े हवाई अड्डों पर होगा ‘ब्रांड यूपी’ का प्रमोशन

देश के पांच बड़े हवाई अड्डों पर होगा ‘ब्रांड यूपी’ का प्रमोशन

लखनऊ, 28 अगस्त (वार्ता) पर्यटन के लिहाज से उत्तर प्रदेश को देश का लोकप्रिय गंतव्य के तौर पर स्थापित करने की कवायद के तहत योगी सरकार ने देश के पांच बड़े हवाई अड्डों पर ‘ब्रांड यूपी’ के प्रमोशन की तैयारी शुरु कर दी है।
       आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार केा बताया कि योगी सरकार ने अब यूपी को टूरिज्म के लिहाज से देश के मोस्ट फेवर्ड डेस्टिनेशन के तौर पर प्रोजेक्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिये प्रदेश के विभिन्न रेलवे स्टेशंस, बस टर्मिनल्स, एयरपोर्ट्स व मेजर फुटफॉल वाले डेस्टिनेशंस पर पहले से ही उत्तर प्रदेश के टूरिस्ट डेस्टिनेशंस को शोकेस किया ही जा रहा है, मगर अब इसे देश के अन्य बड़े एयरपोर्ट्स पर भी शोकेस करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
     उन्होने बताया  कि शुरुआत में अभी देश के पांच बड़े एयरपोर्ट्स पर ब्रांड यूपी के प्रमोशन की तैयारी की गई है जिसे आगे अन्य एयरपोर्ट्स पर भी सुविधा अनुसार बढ़ाया जा सकता है। योजना के अंतर्गत दिल्ली व मुंबई के इंटरनेशनल व डोमेस्टिक टर्मिनल्स के अराइवल व डिपार्चर सेक्शन समेत एयरपोर्ट के विभिन्न चिह्नित क्षेत्रों में बड़े डिस्प्ले बोर्ड्स के माध्यम से ब्रांड यूपी को प्रमोट किया जाएगा। यहां उत्तर प्रदेश के विभिन्न टूरिस्ट डेस्टिनेशंस और उत्तर प्रदेश के टूरिज्म परिदृश्य के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसी प्रकार, कोलकाता, कोयंबटूर व इंदौर के विभिन्न टर्मिनल्स पर भी ब्रांड यूपी के प्रमोशन को तरजीह दी जाएगी।
     सूत्रो के अनुसार उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा इस प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए इसे जल्द अमलीजामा पहनाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
      गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध और विविध संस्कृति के साथ कई आयोजनों और त्योहारों के लिए भी देश व दुनिया में प्रसिद्ध है। ऐसे में, ब्रांडिंग इनीशिएटिव्स के माध्यम से, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग जीवंत शहरों, आकर्षणों, प्रकृति, वन्य जीवन, एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशंस, भोजन, विरासत, धर्म और संस्कृति का प्रमोशन कर प्रदेश को भारत में एक पसंदीदा पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित कर रहा है। उत्तर प्रदेश में पर्यटन उद्योग का राज्य की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान है।
    सूत्रों ने बताया कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों रूप से रोजगार सृजन में पर्यटन का योगदान राज्य के लिए अत्यधिक महत्व रखता है। यह प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर्यटन क्षेत्र के महत्व को अच्छे से समझती है और इसी कारण उसने पहले ही पर्यटन को प्राथमिकता वाले क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया है। ऐसे में, इस क्षेत्र की अनंत संभावनाओं को पहचान कर राज्य को एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण बनाने के लिए रणनीतिक और संगठित प्रयास के तौर पर इस पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है।
    उन्होने बताया कि दिल्ली के टी3 डोमेस्टिक अराइवल व डोमेस्टिक डिपार्चर  पर विभिन्न प्रकार के 60-60 डिस्प्ले सिस्टम, टी3 के इंटरनेशनल अराइवल व डिपार्चर पर विभिन्न प्रकार के 40 व 25 डिस्प्ले सिस्टम, दिल्ली के टी2 डोमेस्टिक अराइवल व डिपार्चर पर 28 डिस्प्ले सिस्टम तथा टी1 के डोमेस्टिक डिपार्चर पर 32 डिस्प्ले सिस्टम का संचालन किया जाएगा। इसी प्रकार, कोलकाता के एयरपोर्ट पर डोमेस्टिक अराइवल टर्मिनल पर 15 डिस्प्ले सिस्टम तथा डिपार्चर समेत विभिन्न चिह्नित क्षेत्रों पर 58 स्क्रीन्स का संचालन किया जाएगा। कोयंबटूर के अराइवल, बैगेज क्लेम, डिपार्चर, एसएचए हॉल व फर्स्ट फ्लोर पर कुल 20 डिस्प्ले सिस्टम की स्थापना व संचालन का कार्य होगा। जबकि, इंदौर एयरपोर्ट के डिपार्चर व अराइवल, बस गेट व रेंटल एरिया में 36 डिस्प्ले स्क्रीन्स की स्थापना व संचालन होगा। इसी प्रकार, मुंबई के टी2 के डोमेस्टिक व इंटरनेशनल अराइवल टर्मिनल पर 56, डोमेस्टिक डिपार्चर पर 58 तथा इंटरनेशनल डिपार्चर टर्मिनल्स पर 40 डिस्प्ले सिस्टम की स्थापना व संचालन प्रक्रिया के जरिए ब्रांड यूपी को प्रमोट किया जाएगा। इन सभी कार्यों को एजेंसी के माध्यम से पूरा किया जाएगा जिसकी नियुक्ति व कार्यावंटन की प्रक्रिया उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने शुरू कर दी है।

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