योगी के नेतृत्व में गोरखनाथ मंदिर से निकली पारंपरिक विजयादशमी शोभायात्रा

योगी के नेतृत्व में गोरखनाथ मंदिर से निकली पारंपरिक विजयादशमी शोभायात्रा

गोरखपुर, 12 अक्टूबर । धर्म, सत्य और न्याय  की विजय प्रतिष्ठा के पावन महापर्व विजयादशमी के अवसर पर शनिवार शाम गोरखनाथ मंदिर से निकली पारंपरिक विजयादशमी शोभायात्रा में आस्था के रथ पर सवार गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूरे रास्ते श्रद्धा और समरसता के फूल बरसते रहे।
     उमंग, उल्लास व उत्साह की लहरों के बीच शोभायात्रा का रास्तेभर हुआ जोरदार अभिनंदन सामाजिक समरसता के ताने बाने को मजबूत करता रहा।      
     गोरक्षपीठाधीश्वर के नेतृत्व वाली इस पारंपरिक शोभायात्रा का अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने भी जबरदस्त उत्साह से भावपूर्ण स्वागत किया। फूलों से सजे नए रथ पर गोरखनाथ मंदिर के महंत केपारंपरिक परिधान में शोभायात्रा की अगुवाई कर रहे गोरक्षपीठाधीश्वर का बुनकर (मुस्लिम) और सिंधी समाज के साथ ही सर्वसमाज के लोगों ने अभिनंदन किया। पीठाधीश्वर योगी ने उन्हें आशीर्वाद दिया,मंगलमय जीवन की कामना की और नौ दिन तक चले नवरात्र अनुष्ठान का प्रसाद दिया।      
     नाथ संप्रदाय की विश्व प्रसिद्ध गोरक्षपीठ के कई अनुष्ठान अद्भुत और विहंगम, अद्भुत हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख अनुष्ठान है विजयादशमी की शोभायात्रा। शनिवार को इस पावन पर्व पर शाम करीबचार बजे से गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। गुरु गोरखनाथ का पूजन कर और उनका आशीर्वाद लेकर  योगी आदित्यनाथ इस साल निर्मित नए रथ परसवार हुए। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे ।
    नाथपंथ के विशेष वाद्ययंत्र नागफनी, तुरही, नगाड़े, काशी से आए डमरू दल, ढोल व बैंड बाजे की धुन और हनुमान दल के बालकों के हैरतंगेज करतब के बीच शोभायात्रा आगे बढ़ी। जगह-जगह स्वागत में कलाकारों के विविध लोक नृत्य समूची भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। पूरे रास्ते दोनों किनारे पर श्रद्धा से भाव विभोर लोग गोरक्षपीठाधीश्वर की एक झलक पाने को आतुरनजर आ रहे थे। जैसे ही गोरक्षपीठाधीश्वर की अगुवाई वाली शोभायात्रा गोरखनाथ मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंची पुष्प वर्षा शुरू गई। इससे आगे बढ़ने पर मुस्लिम और बुनकर समाज के लोगों ने भी फूल बरसाकर स्वागत किया।      
     उर्दू अकादमी के निवर्तमान चेयरमैन चौधरी कैफुलवरा ने बुनकर समाज की तरफ से गोरक्षपीठाधीश्वर को फूल माला तथा केसरिया अंगवस्त्र देकर उनका अभिनंदन किया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने मुस्कुरातेहुए उनका अभिवादन स्वीकार किया और उन्हें व उनके समाज के लोगों को गोरखनाथ मंदिर के नवरात्र अनुष्ठान का प्रसाद दिया।
     अल्पसंख्यक समाज के लोगों ने इस प्रसाद को माथे से लगाकरगोरक्षपीठाधीश्वर के प्रति कृतज्ञता जताई। चौधरी कैफुलवरा के साथ चौधरी रुकनुद्दीन, चौधरी रज़ीउद्दीन, चौधरी ज़ैद, चौधरी हाफ़िज़, अयाज़ अहमद, चौधरी अनस, नफीस आदि ने गोक्षपीठाधीश्वर का अभिनंदन किया। इस दौरान रास्ते के दोनों तरफ बने मकानों पर बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं  व बच्चे अपने स्मार्ट फोन में योगी की तस्वीर खींचते रहे।
     चौधरी कैफुलवरा ने बताया कि उनका परिवारपीढ़ियों से गोरक्षपीठाधीश्वर की शोभायात्रा का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि गोरक्षपीठ मत, मजहब के विभेद से परे सभी को मानव मात्र के नजरिये से देखता है। मुस्लिम समाज की ही तरफ सेबुनकर वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अजीजुलहई के नेतृत्व में भी गोरक्षपीठाधीश्वर का अभिनंदन किया गया।      
      अल्पसंख्यक समाज के लोगों का अभिवादन स्वीकार करने के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर का रथ आगे बढ़ा तो नवनिर्मित श्री झूलेलाल मंदिर के समीप बड़ी संख्या में मौजूद सिंधी समाज के लोगों नेकरबद्ध होकर उनका व शोभायात्रा का जोरदार स्वागत किया। मानसरोवर मंदिर तक पूरे रास्ते में शोभायात्रा के स्वागत का सिलसिला चलता रहा। गोरक्षपीठाधीश्वर की स्वागत को लेकर लोगों काउत्साह देखते ही बन रहा था।      
      जय श्रीराम के जयघोष और तमाम वाद्ययंत्रों की गूंज के बीच गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की विजयादशमी शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंची। यहां गोरक्षपीठाधीश्वर ने गोरक्षपीठ से जुड़ेमानसरोवर मंदिर पर देवाधिदेव महादेव व अन्य देव विग्रहों की वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा अर्चना की। महादेव का अभिषेक भी किया। मानसरोवर मंदिर में पूजन के उपरांत  योगी की शोभायात्रामानसरोवर रामलीला मैदान में पहुंची। यहां चल रही रामलीला में उन्होंने प्रभु श्रीराम का राजतिलक किया। इसके साथ ही प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण व हनुमानजी का पूजन कर आरती भी उतारी।      गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में गोरखनाथ मंदिर से निकली विजयादशमी शोभायात्रा का लोक कलाकारों के दलों ने अपनी प्रस्तुतियों से स्वागत किया। कलाकारों के12 दलों ने शोभायात्रा मार्ग के अलग अलग स्थानों पर अपनी प्रस्तुतियों से प्रदेश के देशज लोक को जीवंत कर दिया।
     मथुरा के राजेश शर्मा के ग्रुप ने मयूर नृत्य, वाराणसी के विशाल गुप्ता ग्रुप नेडमरू वादन, आजमगढ़ के मुन्ना लाल यादव ग्रुप ने धोबिया नृत्य, अयोध्या के माता प्रसाद वर्मा ग्रुप ने फरुवाही नृत्य, अयोध्या की संगमलता ग्रुप ने बधावां नृत्य, सोनभद्र के संतोष ग्रुप ने सिंहा लोक नृत्य, झांसी के इमरान खान ग्रुप ने राई लोक नृत्य, गोरखपुर के रामज्ञान ग्रुप ने फरुवाही, गोरखपुर के छेदी यादव ग्रुप ने फरुवाही, गोरखपुर के विन्ध्याचल आजाद ग्रुप ने फरुवाही, गोरखपुर के रामबचनग्रुप ने फरुवाही और गोरखपुर की सुगम सिंह ग्रुप ने वनटांगिया लोक नृत्य की प्रस्तुति दी।

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