भारतीय अपराधियों को शरण देता है कनाडा, ट्रूडो की कथनी करनी में अंतर’

भारतीय अपराधियों को शरण देता है कनाडा, ट्रूडो की कथनी करनी में अंतर’

नयी  दिल्ली 17 अक्टूबर। भारत ने कनाडा द्वारा भारतीय अपराधियों को शरण देने और उन पर कानूनी कार्यवाही के लिए प्रत्यर्पण के अनुरोधों को लटकाये रखने का आज आरोप लगाया और कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की कथनी और करनी में अंतर है।
              विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यहां नियमित ब्रीफिंग में कहा, “भारत की ओर से प्रत्यर्पण के 26 अनुरोध कनाडा पक्ष के पास लंबित हैं, ये पिछले दशक या उससे अधिक समय से लंबित हैं। इसके साथ ही कई वांछित अपराधियों गिरफ्तारी के अनुरोध भी हैं जो कनाडा सरकार के पास लंबित हैं।”
             प्रवक्ता ने कहा कि हमने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह सहित कई गिरोहों के सदस्यों के संबंध में कनाडाई सरकार के साथ सुरक्षा संबंधी जानकारी साझा की हैं और उनसे उन अपराधियों को गिरफ्तार करने का अनुरोध किया लेकिन अभी तक हमारे अनुरोध पर कनाडाई पक्ष द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
         उन्होंने कहा, “हमें यह सुनना वास्तव में बड़ा अजीब लगता है अब हम जिन लोगों का प्रत्यर्पण चाहते हैं या उन पर कार्रवाई करना चाहते हैं, हमें बताया जा रहा है कि कनाडा में रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी ) इन लोगों द्वारा किए गए अपराधों के लिए भारत सरकार को दोषी ठहरा रही है।”
              भारत-कनाडा विवाद पर प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के बयानों के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा, ”हमने प्रधानमंत्री श्री ट्रूडो की टिप्पणियां देखी हैं कि वह ‘वन इंडिया’ यानी एक भारत की नीति में विश्वास करते हैं, लेकिन अभी तक हमने भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ जो कार्रवाई का अनुरोध किया है, उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यहां करनी और कथनी में अंतर है।”
               कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या मामले में कनाडा के आरोपों के बारे में चर्चा करते हुए श्री जायसवाल ने कहा, “हमने इस विशेष मामले पर अपनी स्थिति बिल्कुल स्पष्ट कर दी है। आपने देखा होगा कि पिछले दो दिनों में हमारी स्थिति बताने वाली कई प्रेस विज्ञप्तियां जारी की गई हैं, जो कि हम बहुत स्पष्ट हैं कि सितंबर 2023 के बाद से कनाडाई सरकार ने हमारे साथ कोई भी जानकारी साझा नहीं की है। कल फिर से सार्वजनिक जांच जनसुनवाई के बाद एक बयान जारी किया गया जिसमें कनाडा ने गंभीर आरोप लगाए हैं लेकिन अभी तक उनके समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया है।
             उन्होंने कहा, “जहां तक ​​आरोपों का सवाल है तो प्रधानमंत्री श्री ट्रूडो की खुद की स्वीकारोक्ति है , कल इन आरोपों के मूल्य का संकेत मिलेगा। जहां तक ​​हमारे रुख का सवाल है…हम अपने राजनयिकों के खिलाफ झूठे आरोपों को खारिज करते हैं।”
             लारेंस बिश्नोई गिरोह के लोगों को पकड़े जाने के आग्रह के बारे में पूछे जाने पर श्री जायसवाल ने स्वीकार करते हुए कहा, “हमने लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह के लोगों की गिरफ्तारी के लिए कनाडाई पक्ष के साथ कुछ अनुरोध साझा किए थे। उन्होंने हमारी मूल चिंताओं पर कोई कार्रवाई नहीं की है। इसके पीछे भी कोई राजनीतिक मकसद है।”
         कनाडा के राजनयिकों के विरुद्ध कार्रवाई के बारे में एक सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा, “हमने कनाडा के कार्यवाहक उच्चायुक्त को बुलाया था और बताया था कि हमें इस बात का कोई भरोसा नहीं है कि कनाडाई सरकार पर हमारे राजनयिकों की सुरक्षा का ध्यान रखेगी और इसलिए हमने अपने उच्चायुक्त और उनके साथ 5 अन्य राजनयिकों को वापस बुलाने का निर्णय लिया है। कनाडा की ओर से उन्हें जाने के लिए कहा गया था लेकिन हमने उनके निर्णय से पहले ही अपने राजनयिकों को वापस बुलाने की घोषणा कर दी थी।”

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