
इस्लामाबाद 21 अक्टूबर । पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सोमवार को 26वें संविधान संशोधन अधिनियम को मंजूरी दी।
यह विधेयक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रपति को भेजा था।
इससे पहले यह विधेयक संसद के दोनों सदनों सीनेट और नेशनल असेंबली में दो तिहाई बहुमत से पारित हो चुका है।
यह अधिनियम पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश के लिए तीन साल के कार्यकाल का मार्ग प्रशस्त करेगा।
12 सदस्यीय संसदीय समिति तीन सबसे वरिष्ठ न्यायाधीशों के पैनल से नए मुख्य न्यायाधीश को नामित करेगी।
नेशनल असेंबली के आठ और सीनेट के चार सदस्यों वाली समिति प्रधानमंत्री को नाम प्रस्तावित करेगी जो इसे अंतिम मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजेंगे।
इसके अलावा मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में पाकिस्तान का एक न्यायिक आयोग जिसमें तीन वरिष्ठ न्यायाधीश, नेशनल असेंबली और सीनेट के दो-दो सदस्य, संघीय कानून और न्याय मंत्री, अटॉर्नी जनरल और पाकिस्तान बार काउंसिल का एक नामित व्यक्ति शामिल होगा जिसके पास शीर्ष अदालत में पंद्रह साल से कम का अभ्यास का अनुभव हो वह शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों की नियुक्तियों के लिए जिम्मेदार होगा।