चित्रकूट के भौतिक और आध्यात्मिक विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध : योगी

चित्रकूट के भौतिक और आध्यात्मिक विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध : योगी

चित्रकूट, 28 नवंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार पौराणिक नगरी चित्रकूट के भौतिक और आध्यात्मिक विकास के लिए  प्रतिबद्ध है।
      एक दिवसीय दौरे पर चित्रकूट पहुंचे श्री योगी ने जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा की। बाद में वह श्री महाराजाधिराज मतगजेंद्र नाथ शिव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। योगी यहां से सीधे रामघाट पहुंचे, जहां उन्होंने मां मंदाकिनी के तट पर खड़े होकर इस पवित्र नदी की आरती उतारी और प्रदेश वासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री मां मंदाकिनी की पांच अर्चकों द्वारा होने वाली दैनिक आरती में भी शामिल हुए।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां कभी भगवान श्रीराम ने संत तुलसीदास जी को दर्शन दिया था, आज उस पवित्र स्थल का दर्शन और पूजन करना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कि चित्रकूट के भौतिक विकास और आध्यात्मिक उन्नयन के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। यह सनातन धर्म का पौराणिक तीर्थ है। प्रभु श्रीराम ने वनवास काल में सर्वाधिक समय इसी चित्रकूट में व्यतीत किया था। अति प्राचीन काल से ही ऋषि-मुनियों और अनेक तपोनिष्ठ संतों ने इसी चित्रकूट धाम में रहकर अपनी आध्यात्मिक साधना को नई ऊंचाइयां प्रदान की हैं। आज हमारा सौभाग्य है कि संतों के सानिध्य में इस चित्रकूट धाम के लिए कुछ करने का सौभाग्य हमारी डबल इंजन की सरकार को प्राप्त हुआ है।
     योगी ने बताया कि वह मध्याह्न में चित्रकूट धाम पहुंचे हैं और यहां समीक्षा बैठक व एक-दो कार्यों का निरीक्षण करने के उपरांत यहां रामघाट पर मां मंदाकिनी के सानिध्य में पूजन दर्शन का सौभाग्य उन्हें मिला है। उन्होंने कहा कि चित्रकूट धाम को उसकी पौराणिक और ऐतिहासिक पहचान दिलाने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। मां मंदाकिनी की अविरलता और सुंदरता के साथ ही रामघाट के सुंदरीकरण के लिए सरकार ने पहले ही पैसा उपलब्ध करा दिया है।
    उन्होने कहा कि चित्रकूट के आध्यात्मिक और धार्मिक के साथ ही भौतिक विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। यहां एयरपोर्ट बनकर तैयार है। इस एयरपोर्ट को और लंबा बनाया जा रहा है, जिससे कि जिससे यहां दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी और अयोध्या से आने वाले बड़े विमान भी उतर सकें। उन्होंने कहा कि कभी यहां भगवान श्रीराम पुष्पक विमान से आए होंगे। हजारों साल बाद वो अवसर भी आएगा जब मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के लोगों को यहां से वायुसेवा प्राप्त होगी।
    योगी ने अन्य विकास कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि बुंदेलखंड लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि लालापुर स्थित महर्षि वाल्मीकि की पावन जन्मस्थली के सुंदरीकरण का कार्य हो या संत तुलसीदास की पावन जन्मस्थली, इन सभी की सुरक्षा और सुंदरीकरण का कार्य हो रहा है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष हमारी सरकार द्वारा जगद्गुरू रामभद्राचार्य विवि का राजकीयकरण किया गया है। इसमें सरकार के स्तर पर कुछ नये पाठ्यक्रम भी जल्द शुरू किये जाएंगे। यहां दिव्यांग के साथ ही सामान्य बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त हो सकेगी।
   उन्होंने डिफेंस कॉरिडोर, इंडस्ट्रियल कॉरीडोर और कामता गिरी परिक्रमा के साथ ही चित्रकूट में ईको टूरिज्म के लिए रानीपुर टाइगर रिजर्व को भी संवर्धित किये जाने की बात दोहराई। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मंदाकिनी नदी पर नया पुल बनाया जाएगा, जिससे कि आवागमन और सुगम हो सकेगा। उन्होने कहा कि यहां सड़कों के कार्यों को प्राथमिकता पर लिया गया है।
    इस अवसर पर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह सहित बड़ी संख्या में साधु-संत, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

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