
वियना, 06 दिसम्बर : भारत को संयुक्त राष्ट्र के मादक पदार्थ निरोधक (नारकोटिक ड्रग्स) आयोग (सीएनडी) के 68वें सत्र का अध्यक्ष चुना गया है।
वियना में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि शंभू एस कुमारन ने आज आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र की इस प्रतिष्ठित संस्था की अध्यक्षता संभाली।
सीएनडी नशीली दवाओं से संबंधित मामलों पर संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख नीति-निर्माण निकाय है।
इसका मुख्य दायित्व वैश्विक स्तर पर नशीली दवाओं के रुझानों की निगरानी करना, संतुलित नीतियां बनाने में सदस्य देशों का समर्थन करना और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नशीली दवाओं संबंधी संधियों अथवा बहुपक्षीय समझौतों के कार्यान्वयन की निगरानी करना है। सीएनडी संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ईसीओएसओसी) के कार्यात्मक आयोगों में से एक है और संयुक्त राष्ट्र नशीली दवाओं एवं अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) का एक शासी निकाय है, जिसका मुख्यालय वियना में है।
यह पहली बार है कि भारत को इस महत्वपूर्ण वैश्विक निकाय की अध्यक्षता सौंपी गई है। यह वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती नेतृत्वकारी भूमिका और स्थापित बहुपक्षीय तंत्रों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को संबोधित करने की प्रतिबद्धता को पुष्ट करता है।
अध्यक्ष के रूप में, भारत से वैश्विक चर्चाओं में विकासशील देशों के हितों और दृष्टिकोणों को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका के अनुरूप वैश्विक दक्षिण के हितों को स्पष्ट करने की अपेक्षा की जाएगी। भारत नशीली दवाओं की नीति के मुद्दों पर संवाद और समझ को बढ़ावा देने, विशेष रूप से उभरती अर्थव्यवस्थाओं की चिंताओं को विकसित देशों की प्राथमिकताओं के साथ एकीकृत करने के लिए सीएनडी के चल रहे काम को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा, ताकि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर समग्र और संतुलित दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया जा सके।
आने वाले वर्ष में, सीएनडी के एजेंडे में अवैध नशीली दवाओं की तस्करी, मादक द्रव्यों के सेवन और उनसे जुड़े सामाजिक और स्वास्थ्य प्रभावों के साथ-साथ चिकित्सा और वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नियंत्रित पदार्थों की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है। बहुपक्षीय संवाद और साक्ष्य-आधारित समाधानों को प्राथमिकता देकर, भारत इन सभी मुद्दों पर न्यायसंगत, समावेशी और टिकाऊ रणनीतियों को आगे बढ़ाने के लिए सीएनडी के अन्य सदस्य देशों के साथ साझीदारी करना जारी रखेगा।