
मुंबई 07 दिसंबर । महाराष्ट्र में एक राजनीतिक घटनाक्रम में समाजवादी पार्टी(सपा) ने शनिवार को विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन से बाहर निकलने की यह कहते हुए घोषणा की कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे बाबरी मस्जिद विध्वंस को सही ठहराने के अपने पुराने रुख पर वापस आ गये हैं और यह अस्वीकार्य है।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी ने विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से कहा , “हमने एमवीए छोड़ दिया है। ऐसे मोर्चे में बने रहने का क्या मतलब है, जहां मुद्दों पर कोई एकरुपता नहीं है और न ही सहयोगियों के साथ पर्याप्त परामर्श किया गया है।”
इससे पहले शुक्रवार को शिवसेना नेता एवं श्री उद्धव ठाकरे के करीबी मिलिंद नार्वेकर ने एक्स पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें बाल ठाकरे, उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे के साथ-साथ उनकी खुद की तस्वीरें भी थीं। पोस्ट में बालासाहेब के उस बयान का हवाला दिया गया है जिसमें उन्होंने बाबरी मस्जिद विध्वंस के लिए ‘कार सेवकों’ की प्रशंसा की थी, जिसमें कहा गया था, जिन्होंने यह किया, मुझे उन पर गर्व है।
इस पोस्ट के परिप्रेक्ष्य में राजनीति के गलियारों में यह अटकलें लगनी शुरू हो गयी कि क्या शिवसेना(यूबीटी) सत्तारुढ़ भाजपा के साथ गठबंधन कर सकती है और अपने कट्टर हिंदुत्व रुख पर वापस जा सकती है।