मेटा ने ट्रम्प के शपथग्रहण समारोह कोष के लिये दिया 10 अरब डॉलर का दान

मेटा ने ट्रम्प के शपथग्रहण समारोह कोष के लिये दिया 10 अरब डॉलर का दान

वाशिंगटन, 12 दिसंबर। सोशल नेटवर्किंग कंपनी मेटा ने अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के शपथ ग्रहण समारोह कोष में 10 लाख डालर का दान देने की पुष्टि की है।
अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह आगामी प्रशासन के लिए कंपनी के कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्क जुकरबर्ग के दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है। श्री जुकरबर्ग  और नव निर्वाचित राष्ट्रपति के रिश्तों विशेष रूप से चुनाव अभियान के दौरान उनके साथ उनके विवादास्पद संबंधों के मद्देनजर यह दान श्री जुकरबर्ग के रूख में काफी बदलाव का प्रतीक है।
गौरतलब है कि श्री ट्रम्प ने पहले उन तकनीकी दिग्गजों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने की धमकी दी थी, जिन्हें उन्होंने अपने अभियान को कमजोर करने वाला माना था। अखबार ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जैसे-जैसे रिपब्लिकन व्हाइट हाउस और कांग्रेस दोनों पर नियंत्रण करने की तैयारी कर रहे हैं, टेक कंपनियों के सीईओ नए नियमों की प्रत्याशा में अपनी रणनीतियों को फिर से तैयार कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार हालांकि श्री ट्रम्प तक श्री जुकरबर्ग की पहुंच कोई अलग घटना नहीं थी। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस (जो पहले ट्रंप के आलोचक रहे हैं) ने हाल ही में उन्हें उनकी जीत पर बधाई दी थी और नए प्रशासन के बारे में आशावादी विचार व्यक्त किये थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि श्री ट्रम्प के साथ मजबूत संबंध बनाने के श्री जुकरबर्ग के प्रयासों में मार-ए-लागो में निजी रात्रिभोज शामिल है। दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान मेटा के वरिष्ठ नीति अधिकारियों ने ट्रम्प प्रशासन के प्रमुख लोगों से बातचीत की, जिसमें विदेश मंत्री के लिए उनके नामित सीनेटर मार्को रुबियो भी शामिल थे। श्री जुकरबर्ग ने राजनीतिक दान पर अपेक्षाकृत तटस्थ रुख बनाए रखा है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति पद की दौड़ में भारी भागीदारी किए बिना दोनों दलों के उम्मीदवारों को योगदान दिया है। मेटा ने 2017 में श्री ट्रंप के उद्घाटन कोष या 2021 में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के कोष में दान नहीं किया। टेक उद्योग ने अक्सर खुद को रिपब्लिकन नेतृत्व के साथ मतभेद में पाया है, विशेष रूप से श्री ट्रंप के प्रशासन के तहत, जिसने रूढ़िवादी दृष्टिकोण के खिलाफ कथित पूर्वाग्रह के लिए अक्सर सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की आलोचना की है।

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