महाकुम्भ-2025 में स्थापित होंगे नए प्रतिमान : योगी

महाकुम्भ-2025 में स्थापित होंगे नए प्रतिमान : योगी

महाकुम्भनगर, 13 दिसंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि आज से ठीक एक महीने बाद विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक, धार्मिक व आध्यात्मिक आयोजन महाकुंभ-2025 में नए प्रतिमान स्थापित होंगे।
      उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि श्री मोदी का आगमन मां गंगा-यमुना व सरस्वती की त्रिवेणी में पूजा-अनुष्ठान के साथ ही प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुम्भ-2025 की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह संपूर्ण सनातन धर्मावलंबियों, देश व दुनिया के अंदर भारत के प्रति अनुराग रखने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्व रखता है।
    योगी ने कहा कि हजारों करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण प्रधानमंत्री मोदी के कर-कमलों से होने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से कुम्भ 2019 का सफल आयोजन हुआ था और अब महाकुम्भ-2025 के सफल आयोजन के लिए मिल रहे मार्गदर्शन के लिए हम सभी उनके प्रति कृतज्ञ हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के विजन की प्रशंसा करते हुए उनके नेतृत्व में किए गए प्रयास और सनातन धर्मावलंबियों के हितों की रक्षा के साथ ही कुम्भ को लेकर स्थापित किए गए उच्च प्रतिमानों की पूर्ति को लेकर आभार जताया।
     उन्होने कहा कि पहली बार 2019 के प्रयागराज कुम्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा, मार्गदर्शन व आदेश पर सैंकड़ों वर्षों के बाद श्रद्धालुओं को अक्षय वट के दर्शन हुए थे। इस बार प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में अक्षयवट कॉरिडोर का भी उद्घाटन होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि बड़े हनुमान जी जिनका अभिषेक करने के लिए मां गंगा प्रतिवर्ष आती हैं, उस बड़े हनुमान मंदिर के कॉरीडोर का लोकार्पण भी आज प्रधानमंत्री मोदी के कर-कमलों द्वारा होने जा रहा है।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि सरस्वती कूप, जिसमें अदृष्य रूप में मां सरस्वती वास करती हैं और संगम पर गंगा-यमुना के साथ ही उनका संगम होता है, पहली बार 2019 के कुम्भ में ही श्रद्धालुओं को इस प्रवित्र सरस्वती कूप के दर्शन सुलभ हुए थे। सरस्वती कूप का यही भव्य रूप अब सरस्वती कॉरीडोर के रूप में लोकार्पण के जरिए सबके समक्ष होगा, सर्व सुलभ होगा। भगवान राम जब वनवास के लिए निकले थे तो सबसे पहले उन्होंने मैत्री का हाथ श्रृंगवेरपुर में निषादराज के समक्ष बढ़ाया था। सीएम योगी ने कहा, प्रधानमंत्री की प्रेरणा से यहां भगवान राम और निषादराज की 56 फुट ऊंची प्रतिमा व कॉरीडोर का लोकार्पण भी प्रधानमंत्री मोदी द्वारा होने जा रहा है।
     योगी ने कहा कि दुनिया के सबसे पहले गुरुकुलों में सम्मिलित तथा जिस आश्रम में रहकर भगवान राम ने आशीर्वाद प्राप्त करके ‘निसिचर हीन करउँ महि भुज उठाइ प्रन कीन्ह’ यानी भूमि को राक्षसहीन करने का संकल्प लिया था, ऐसे महर्षि भारद्वाज के आश्रम के कॉरीडोर का लोकार्पण भी प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया जा रहा है। कुम्भ कैसे होना चाहिए, कुम्भ भव्य भी हो, दिव्य भी हो, स्वच्छ भी हो, सुरक्षित भी हो, सुव्यवस्थित भी हो यह परिकल्पना प्रधानमंत्री मोदी ने 2019 कुम्भ में दी। इस बार महाकुम्भ भव्य-दिव्य व डिजिटल महाकुम्भ के रूप में कैसे होना है यह भी प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से साकार हो रहा है।
  उन्होने कहा कि प्रयागराज शहर, आसपास के जनपदों और दुनिया के सबसे बड़े अस्थायी शहर के तौर पर साकार हो रहा महाकुम्भनगर भी उनकी ही प्रेरणा का द्योतक है। प्रयागराज महाकुम्भ 2025 के शुभारंभ की दृष्टि से हजारों करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शुभारंभ हो रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश वासियों की ओर से, उस हर श्रद्धालु की ओर से जो प्रयागराज आकर अभिभूत होता है, ऐसे प्रत्येक श्रद्धालुजन की ओर से आभार व्यक्त करता हूं।
     इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, खादी व ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा, मत्स्यपालन मंत्री संजय निषाद, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, प्रयागराज के महापौर गणेश केसरवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष वीके सिंह, विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह व अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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