संविधान सभी वर्गों की प्राणवायु, तानाशाही का नहीं देता अधिकार : अखिलेश

संविधान सभी वर्गों की प्राणवायु, तानाशाही का नहीं देता अधिकार : अखिलेश

नयी दिल्ली, 13 दिसंबर। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने संविधान को समाज के गरीब, शोषित और पीड़ित जनता का सच्चा हितैषी करार देते हुये शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के लिये यह प्राणवायु है और यह किसी को भी तानाशाही की इजाजत नहीं देता है।
श्री यादव ने संविधान के 75 गौरवपूर्ण वर्ष पूरे होने के मौके पर लोकसभा में हो रही चर्चा में शामिल होते हुये कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि संविधान चाहे कितना भी अच्छा हो, उसे लागू करने वाले यदि अच्छे लोग नहीं होंगे तो उसके अच्छे परिणाम नहीं होंगे।
उन्होंने कहा कि सीमाओं की रक्षा करना संप्रभु सरकार का प्रथम कर्तव्य है, लेकिन सीमाओं की सुरक्षा में समय-समय पर सेंध लगती रही है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सीमावर्ती अरुणाचल प्रदेश के निवासी हैं, वह बेहतर जानते हैं कि हमारे पड़ोस में कितने गांव बस गये हैं, कितने घर बन गये हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे ही हालात रहे तो मान सरोवर और कैलास पर्वत पर जाने से भी देशवासियों को रोका जाने लगेगा।
श्री यादव ने कहा कि जिस देश में 140 करोड़ लोगों में से 82 करोड़ लोग सरकारी अन्न पर जी रहे हैं, उस देश की अर्थव्यवस्था के बारे में बड़ी-बड़ी डींगे मारी जा रही हैं। यदि देश दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था की ओर जा रहा है, तो सरकार गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले लोगों की प्रति व्यक्ति आय बता दे।
उन्होंने कहा कि एक धर्म विशेष के लोगों के विरुद्ध अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। उनके घर तोड़े जा रहे हैं, उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर कई घटनायें जान-बूझकर की गयीं, चुनावों के दौरान वर्ग विशेष के लोगों को वोट डालने से रोका गया, महिलाओं को पिस्तौल दिखाकर डराया गया।
श्री यादव ने कहा कि एडोल्फ हिटलर भी जर्मनी में लोकतांत्रिक तरीके से चुने जाने के बाद ही संविधान संशोधन करके तानाशाह बना था। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार भी उसी राह पर चल रही है।”
उन्होंने सत्ता पक्ष की ओर मुखातिब होते हुये कहा, “जाति जनगणना आप करा सकते हैं, तो कराइये, वरना हमें जब भी मौका मिलेगा, तब हम करायेंगे।  हम जाति जनगणना के पक्ष में हैं, जाति जनगणना से दूरियां मिट सकेंगी, जब तक जाति जनगणना नहीं होगी, हमें न्याय नहीं मिलेगा।”
सपा अध्यक्ष ने मोदी सरकार पर आरक्षण समाप्त करने का प्रयास करने का आरोप लगाया और कहा कि अन्य पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियां न मिलें, इसलिये सरकारी विभागों में भर्तियां नहीं करायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वंचितों को आरक्षण न देना पड़े, इसलिये सरकारी नौकरियों के लिये होने वाली परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक कराये जा रहे हैं। आरक्षण न देना पड़े, इसलिये सरकारी उपक्रम बेचे जा रहे हैं, निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “ शिक्षा मंत्री बतायें कि केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में अधिकतर कुलपति किस वर्ग के हैं। उनके द्वारा भर्ती किये जा रहे प्रोफेसर किन-किन जातियों के हैं। आज ‘नॉट फाउंड सूटेबिल’ की आड़ लेकर आरक्षित वर्ग के लोगों को सरकारी नौकरियों से वंचित किया जा रहा है। वंचितों को आरक्षण न देना पड़े, इसलिये संविदा पर भर्तियां की जा रही हैं। सरकार सिर्फ 10 प्रतिशत लोगों का ख्याल रख रही हैं, बाकी लोगों का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। अग्निवीर योजना के तहत युवाओं को बहुत कम समय के लिये सेना में नौकरियां दी जा रही हैं। ”
उन्होंने कहा कि आज हालात ऐसे हैं कि अन्याय के खिलाफ बोलने पर जेल हो जाती है, हर मस्जिद के नीचे मंदिर खोजे जा रहे हैं। सरकार की नीतियों के कारण वर्तमान सरकार के कार्यकाल में जितने उद्योगपति विदेश चले गये हैं, उतने आजादी के बाद से कभी नहीं गये।
श्री यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश फर्जी मुठभेड़ में हत्या, जेल के अंदर हत्या और पुलिस अभिरक्षा में हत्या में सर्वोपरि है।
उत्तर प्रदेश में कानून की धज्जियां उड़ायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य महिला उत्पीड़न में अव्वल है। साइबर अपराध में प्रथम है।
श्री यादव ने कहा कि चुनावों में पैसा बांटकर चुनाव जीते जा रहे हैं, बड़ी संख्या में धनवान संसद और विधानसभाओं में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनावों में जनता ने 400 पार सीटें मिलने पर संविधान बदलने वालों के सपने को तोड़ने काम किया। उन्होंने कहा,“ संविधान बचेगा, तो न्याय बचेगा, सम्मान मिलेगा, भेदभाव मिटेगा।”

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