
आजमगढ़, 19 मई । गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने और देशभर में पूर्ण गौ-हत्या बंदी कानून लागू कराने की मांग को लेकर निकली 81 दिवसीय ‘गाविष्टि यात्रा’ मंगलवार को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र में पहुंची। कैलेश्वर धाम में यात्रा का भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद यह अंबेडकरनगर के लिए रवाना हो गई। यात्रा के 17वें दिन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र के समाजवादी पार्टी विधायक डॉ. संग्राम यादव के नेतृत्व में स्वागत किया गया। पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य ने गौ-संरक्षण के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकारों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आजादी के 78 वर्षों बाद भी संत समाज को गौ-अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई सरकारी गौशालाओं की स्थिति बेहद खराब है और अनेक स्थानों पर वे “गौ-हत्या केंद्र” बन चुकी हैं।उन्होंने कहा कि यह यात्रा उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी और आगामी 22 जुलाई को गोरखपुर में इसका समापन होगा।
शंकराचार्य ने जनता से गौ-हितैषी उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि संत समाज अब सीधे जनता और मतदाताओं के बीच जाकर जनजागरण करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयानों का उल्लेख करते हुए बीफ निर्यात के मुद्दे पर भी सवाल उठाए।उन्होंने पूरे देश में एक समान और कठोर गौ-रक्षा कानून लागू करने की मांग दोहराते हुए कहा कि गौ-संरक्षण भारतीय संस्कृति और आस्था से जुड़ा विषय है, जिस पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है।