
सहारनपुर, 19 मई । सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर नमाज अदा न करने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील के बाद सहारनपुर जिले में मुस्लिम संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और उलेमाओं ने आगामी बकरीद पर ईदगाहों और मस्जिदों के भीतर ही नमाज अदा करने का सामूहिक निर्णय लिया है। विभिन्न संगठनों ने मुसलमानों से सरकारी निर्देशों का पूर्ण पालन करने और सार्वजनिक स्थलों पर नमाज अदा न करने की अपील की है। देवबंद ईदगाह के सचिव अनस सिद्दीकी ने मंगलवार को बताया कि दारुल उलूम देवबंद, दारुल उलूम वक्फ, जामा मस्जिद देवबंद और ईदगाह कमेटी के बीच हुई बैठक में यह संयुक्त निर्णय लिया गया है कि 28 मई को बकरीद की नमाज केवल ईदगाहों और मस्जिदों में ही अदा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि दारुल उलूम वक्फ में सुबह छह बजे, ईदगाह में सवा छह बजे, दारुल उलूम की रशीदिया मस्जिद में साढ़े छह बजे तथा जामा मस्जिद में पौने सात बजे नमाज अदा की जाएगी। इसके अतिरिक्त मोहल्लों की मस्जिदों में भी अलग-अलग समय पर नमाज होगी।
अनस सिद्दीकी ने कहा कि देवबंद ईदगाह में लगभग 15 हजार लोग आराम से नमाज अदा कर सकते हैं, इसलिए किसी को भी सड़क पर नमाज पढ़ने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। जमीयत हिमायतुल इस्लाम के राष्ट्रीय अध्यक्ष कारी अबरार जमाल ने भी मुसलमानों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में सड़कों पर नमाज अदा न करें और केवल निर्धारित धार्मिक स्थलों पर ही नमाज पढ़ें।
उल्लेखनीय है कि पिछली ईद पर भी जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं दारुल उलूम के सदर मुदर्रिस मौलाना अरशद मदनी ने मुसलमानों से सरकारी निर्देशों का सम्मान करते हुए सड़कों पर नमाज न पढ़ने की अपील की थी, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने मोहल्लों की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की थी।
मुस्लिम संगठनों का कहना है कि समाज कानून और प्रशासनिक निर्देशों का सम्मान करता है तथा किसी भी प्रकार के टकराव या कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली स्थिति से बचना चाहता है।