
मुंबई, 23 मई। महाराष्ट्र में हिंगोली जिले के पुलिस उपायुक्त पंकज अतुलकर ने शनिवार को बताया कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके के घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गयी है। वह अभी भी अमेरिका में हैं, जहाँ वे पढ़ाई कर रहे हैं।यह कदम तब उठाया गया जब सीजेपी की वेबसाइट, इंस्टाग्राम अकाउंट और एक्स अकाउंट को बंद पाया गया। यह घटना उस समय घटित हुईं, जब कुछ ही दिनों में लगभग 10 लाख फॉलोअर्स उनसे जुड़ गए थे।
इससे पहले श्री दिपके ने ऑनलाइन खुलासा किया था कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिली है। उन्होंने एक्स पर एक धमकी भरे संदेश का स्क्रीनशॉट शेयर किया था। उनके घर के बाहर पुलिस तैनात होने की पुष्टि करते हुए श्री अतुलकर ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा, “लोग श्री दिपके और उनकी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बारे में बहुत उत्सुक हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उनके घर के पास पुलिस तैनात की गयी है। उनके घर पर अगले कुछ दिनों तक पुलिस की तैनाती जारी रहेगी।”गौरतलब है कि सीजेपी वेबसाइट, इंस्टाग्राम और एक्स अकाउंट बंद होने के बाद इस राजनीतिक संगठन के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी। हालांकि श्री दिपके ने अपने समर्थकों को ऐसी कोई भी गलती करने से बचने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई विरोध प्रदर्शन होता है, तो उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी ने ऐसा कोई आह्वान नहीं किया है। सरकार तो बस एक छोटी सी चूक का इंतज़ार कर रही है ताकि पूरे आंदोलन को बदनाम किया जा सके। हम सभी ‘कॉकरोचों’ (समर्थकों) से अनुरोध करते हैं कि वे शांति बनाए रखें और सावधान रहें। समर्थकों को जल्दबाजी में कोई भी ऐसा गलत फैसला नहीं लेना चाहिए जिससे हमारे आंदोलन पर बुरा असर पड़े। सरकार चाहती है कि हम गलतियाँ करें। इसलिए हमें ऐसा नहीं करना चाहिए। यह एक बड़ी लड़ाई है और हमें सावधान रहना होगा।”उन्होंने कहा, “सरकार ने हमारी मशहूर वेबसाइट एचटीटीपी://कॉकरोचजनता पार्टी.ओआरजीको बंद कर दिया है। हमारी वेबसाइट पर 10 लाख कॉकरोच सदस्यों के तौर पर रजिस्टर हुए हैं। छह लाख कॉकरोच ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए एक याचिका पर दस्तखत किए थे। सरकार कॉकरोच से इतनी डरी हुई क्यों है? यह तानाशाही रवैया भारत के युवाओं की आंखें खोल रहा है। हमारा एकमात्र गुनाह यह है कि हम अपने लिए एक बेहतर भविष्य की मांग कर रहे थे। आप इतनी आसानी से हमसे पीछा नहीं छुड़ा सकते। हम अभी एक नए ठिकाने पर काम कर रहे हैं। कॉकरोच कभी नहीं मरते।”
उन्होंने अपने प्लेटफॉर्म के खिलाफ की गई इस कार्रवाई को श्री प्रधान के खिलाफ चलाए जा रहे अपने अभियान से भी जोड़ा। उन्होंने कहा, “प्रश्न पत्र लीक के मामले में शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए थी। उस छात्र के लिए, जिसने सरकार की नाकामी की वजह से अपनी जान गंवा दी। लेकिन नए भारत में, जवाबदेही की मांग करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।” उन्होंने कहा, “कॉकरोच वापस आ गया है। हमने एक हफ्ते से भी कम समय में अपनी वेबसाइट पर दस लाख रजिस्टर्ड कॉकरोच का आंकड़ा पार कर लिया है। तमाम सख्ती के बावजूद यह आंदोलन लगातार बड़ा होता जा रहा है।”