
बालोद, 28 मई । छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्लीराजहरा नगर में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान का असर अब वन्यजीवों पर भी दिखाई देने लगा है। नगर पालिका क्षेत्र में बीएसपी एमव्हीटी सेंटर के समीप पेड़ों पर बसेरा करने वाले बड़ी संख्या में चमगादड़ों की प्रतिदिन मौत हो रही है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है।प्राप्त जानकारी के अनुसार नौतपा के दौरान दल्लीराजहरा में दोपहर का तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। अत्यधिक गर्मी के कारण पेड़ों पर रहने वाले चमगादड़ बड़ी संख्या में दम तोड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिदिन लगभग 400 से 500 चमगादड़ों की मौत हो रही है। मृत चमगादड़ों से दुर्गंध आने के कारण आसपास के रहवासी और राहगीर परेशान हैं।
नगर पालिका द्वारा मृत चमगादड़ों को हटाने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है लेकिन लगातार हो रही मौतों के चलते बड़ी संख्या में शव मौके पर ही पड़े रह जा रहे हैं। इससे क्षेत्र में बदबू और संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समस्या के समाधान के लिए अब तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है।पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों ने भी इस स्थिति को गंभीर बताया है। पर्यावरण प्रेमी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि चमगादड़ पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण जीव हैं, जो कीट नियंत्रण और परागण जैसी प्राकृतिक प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ता तापमान और पेड़ों की लगातार कटाई वन्यजीवों के अस्तित्व के लिए खतरा बनती जा रही है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि मृत चमगादड़ों के उचित निस्तारण के साथ वन्यजीव संरक्षण के उपाय भी सुनिश्चित किए जा सकें।