उन्नाव में कंटेनर लूट के पांच आरोपी गिरफ्तार, एसी,गीजर का जखीरा बरामद

उन्नाव में कंटेनर लूट के पांच आरोपी गिरफ्तार, एसी,गीजर का जखीरा बरामद

उन्नाव, 30 मई। उत्तर प्रदेश में उन्नाव जिले के अजगैन क्षेत्र में पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सामान से लदे कंटेनर की लूट का खुलासा करते हुए पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लूटा गया कंटेनर, 40 स्प्लिट एसी तथा 47 गीजर समेत कुल 127 पैकेट बरामद किए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस गिरोह ने एक ट्रक चालक को घायल कर 47 गीजर और 40 स्प्लिट एसी लूट लिए थे। एसओजी, सर्विलांस और अजगैन थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी को पुलिस मुठभेड़ के दौरान पकड़ा गया, जबकि चार अन्य आरोपियों को बिहार और कुशीनगर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने लूटा गया कंटेनर, 47 गीजर, 40 स्प्लिट एसी और एक अवैध तमंचा बरामद किया है।उन्होने बताया कि 28 मई को कानपुर के नौबस्ता निवासी ट्रांसपोर्टर राजेश कुमार गुप्ता ने अजगैन थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि उनका कंटेनर ट्रक गोदरेज कंपनी के फ्रिज और एसी लेकर आशाखेड़ा से कानपुर जा रहा था। रास्ते में बदमाशों ने चालक नीरज कुमार को घायल कर ट्रक लूट लिया था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उन्नाव के निर्देश पर एसओजी, सर्विलांस और थाना अजगैन की एक संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने टोल प्लाजा और एक्सप्रेसवे के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस को पता चला कि बदमाशों ने ट्रक का नंबर बदलकर एनएल 01 एएच 7041 की जगह एनएल 01 एएच 7044 कर दिया था, ताकि पहचान छिपाई जा सके।सर्विलांस टीम ने दो मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया, जिनकी लोकेशन ट्रक के मूवमेंट के साथ मिल रही थी। ये दोनों नंबर बिहार और कुशीनगर क्षेत्र में सक्रिय पाए गए। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस टीम कुशीनगर के कसया कस्बे स्थित स्वास्तिक ढाबे तक पहुंची और वहां घेराबंदी कर संदिग्धों को दबोच लिया।पूछताछ में खुलासा हुआ कि लूटे गए माल को कसया स्थित रोशनी इलेक्ट्रॉनिक्स को बेच दिए गए थे। पुलिस ने दुकान से 32 फ्रिज बरामद किए, जबकि 12 फ्रिज बिना बिल के आगे बेचे जा चुके थे। इसके अलावा, लूटा गया कंटेनर मोतिहारी जिले के सुगौली क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप से बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में ढाबा संचालक विवेक मिश्रा, विकास वाल्मीकि, राजू उर्फ बलिराम सिंह और रोशनी इलेक्ट्रॉनिक्स का संचालक अविनाश सिंह शामिल हैं। इनकी निशानदेही पर पुलिस को घटना के मुख्य आरोपी छोट्टन चौधरी के बारे में जानकारी मिली।

पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी छोट्टन चौधरी नवाबगंज क्षेत्र में फिर किसी वारदात की फिराक में घूम रहा है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के सामने गुरुद्वारा रोड पर पुलिस ने उसे घेरने का प्रयास किया तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ।पुलिस ने कार्रवाई के दौरान लूटा गया कंटेनर, 47 फ्रिज और 40 स्प्लिट एसी बरामद किए हैं। बरामद सामान गोदरेज कंपनी का बताया गया है। कुल 127 बॉक्स पुलिस ने अपने कब्जे में लिए हैं। पुलिस का कहना है कि शेष सामान की भी तलाश की जा रही है।

तकनीकी जांच बनी सफलता की कुंजी इस मामले में पुलिस की सफलता का आधार सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा की रिकॉर्डिंग और मोबाइल सर्विलांस रहा। बदमाशों ने ट्रक का नंबर बदलकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन तकनीकी जांच के जरिए पुलिस उनकी गतिविधियों तक पहुंच गई और पूरे गिरोह को बेनकाब कर दिया।घटना के खुलासे पर पहले पुलिस अधीक्षक उन्नाव ने 25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया था। बाद में पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ रेंज ने इसे बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया। इसके बाद अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन ने पुरस्कार राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी। यह राशि घटना का सफल अनावरण करने वाली पुलिस टीम को प्रदान की जाएगी। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास अभी तक सामने नहीं आया है। स्थानीय थानों और सीसीटीएनएस रिकॉर्ड की जांच में भी इनके खिलाफ कोई पूर्व मुकदमा दर्ज नहीं मिला है। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।

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