
लखनऊ, 30 मई। रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की पहचान और छवि में व्यापक बदलाव आया है तथा राज्य कानून-व्यवस्था और विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।श्री सिंह ने यहां करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से दो एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित नौसेना शौर्य वाटिका के लोकार्पण के अवसर पर कहा कि यह केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सैन्य परंपराओं और राष्ट्रीय गौरव का जीवंत प्रेरणा केंद्र है।
यह वाटिका आने वाली पीढ़ियों को देश की स्वतंत्रता, सुरक्षा और सैनिकों के बलिदान के महत्व से परिचित कराएगी। साथ ही यह लखनऊ के लिए एक प्रमुख पर्यटन एवं प्रेरणा केंद्र के रूप में भी विकसित होगी।रक्षा मंत्री ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश की पहचान बिगड़ी कानून-व्यवस्था और अपराध के कारण होती थी, लेकिन वर्तमान में राज्य विकास, निवेश और औद्योगिक प्रगति के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले लोग उत्तर प्रदेश में निवेश करने से हिचकिचाते थे, जबकि आज निवेशकों का विश्वास बढ़ा है और राज्य विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” (ओडीओपी) जैसी योजनाओं से बन रही है, जिसने स्थानीय उत्पादों और कारीगरों को नई पहचान दी है। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और प्रशासनिक दृष्टिकोण का परिणाम बताया।श्री सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभालना आसान कार्य नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे एक उदाहरण के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में सुरक्षा और सुशासन के माहौल ने विकास को गति दी है।
नौसेना शौर्य वाटिका परियोजना का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना के लिए न केवल भूमि उपलब्ध कराई, बल्कि इसके विभिन्न चरणों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी भी की। इसी का परिणाम है कि परियोजना रिकॉर्ड समय में पूरी हो सकी।उन्होंने कहा कि जो राष्ट्र अपनी सशस्त्र सेनाओं का सम्मान करता है, वही विश्व में सम्मान प्राप्त करता है। नौसेना शौर्य वाटिका इसी भावना का प्रतीक है और यह सैन्य इतिहास, वीरता तथा राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेगी।
कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि, सैन्य अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।