
सुलतानपुर, 30 मई । उत्तर प्रदेश में सुलतानपुर जिले की एमपी/एमएलए न्यायालय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में एक नया कानूनी मोड़ आया है। शिकायतकर्ता पक्ष ने राहुल गांधी का वॉयस सैंपल लेने की अर्जी खारिज होने के खिलाफ जिला अदालत में रिवीजन याचिका दायर की है। जिला अदालत ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत से मामले की पत्रावली तलब की है। अगली सुनवाई पांच जून को है।न्यायालय में शिकायतकर्ता के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने पूर्व में एमपी/एमएलए न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें मांग की गई थी कि राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेकर उसे घटना से संबंधित सीडी में मौजूद आवाज से विधि विज्ञान प्रयोगशाला में मिलान कराया जाए। हालांकि, एमपी एमएलए न्यायालय ने इस आवेदन को खारिज कर दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए अधिवक्ता संतोष पांडेय ने जिला अदालत में रिवीजन याचिका दाखिल की है। जिला अदालत ने शनिवार को इस याचिका पर संज्ञान लिया। न्यायालय ने निचली अदालत से केस से संबंधित मूल रिकॉर्ड मंगाए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई और बहस के लिए 5 जून की तारीख तय की गई है।अधिवक्ता संतोष पांडेय ने स्पष्ट किया कि मूल मानहानि मुकदमा अभी भी एमपी एमएलए न्यायालय में चल रहा है। इस मुकदमे की अगली सुनवाई के लिए 17 जून की तारीख निर्धारित है।राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने अपर सत्र न्यायाधीश राकेश यादव की अदालत में उपस्थित होकर अपना वकालतनामा दाखिल किया। न्यायालय ने अधिवक्ता का वकालतनामा स्वीकार कर लिया। अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि परिवादी द्वारा प्रस्तुत निगरानी अर्जी अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 5 में विचाराधीन है। उन्होंने कहा, “आज मैं राहुल गांधी जी की तरफ से न्यायालय में उपस्थित हुआ और अपना वकालतनामा दाखिल किया। कोर्ट ने पत्रावली तलब करते हुए निगरानी याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 5 जून की तिथि नियत की है।” मूल मुकदमे की पत्रावली में पहले से ही 17 जून की तारीख तय है, जो एमपी एमएलए न्यायालय में है।”