
कानपुर, 30 मई। उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने साइबर ठगी के लिए फर्जी सिम कार्ड और ओटीपी उपलब्ध कराने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बड़ी तादाद में सिम कार्ड और लैपटाॅप आदि बरामद किये हैं।यह गिरोह फर्जी फर्मों के माध्यम से हजारों सिम कार्ड सक्रिय कर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था, जिनका उपयोग देशभर में ऑनलाइन ठगी की वारदातों में किया जाता था।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने पत्रकाराें को बताया कि साइबर क्राइम सेल पश्चिम जोन और थाना पनकी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान यह सफलता मिली। मामले की जांच उस समय शुरू हुई जब केशव अग्निहोत्री और दिव्यांश पाण्डेय ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ताओं से कुल 3.87 लाख रुपये की ठगी की गई थी। जांच के दौरान मोबाइल नंबरों और आईएमईआई के विश्लेषण से गिरोह के सदस्यों की पहचान हुई।गिरफ्तार आरोपियों में गाजियाबाद निवासी ऋषि शर्मा उर्फ रिंकू, उत्सव त्यागी उर्फ अंकित, दुर्गेश कुमार, नई दिल्ली निवासी अजय मित्तल तथा हरियाणा निवासी सचिन शामिल हैं। पुलिस ने इन्हें पनकी क्षेत्र में पतंजलि गोदाम के पास हाईवे अंडरपास के नीचे से गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी फर्मों के नाम पर बड़ी संख्या में सिम कार्ड प्राप्त कर उन्हें सक्रिय कराते थे। इसके बाद इन नंबरों का उपयोग बहुराष्ट्रीय कंपनियों और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के नाम पर फर्जी अकाउंट बनाकर साइबर ठगी के लिए किया जाता था। आरोपी लोगों को निवेश योजनाओं, भारी छूट और आकर्षक ऑफर का लालच देकर ओटीपी हासिल करते थे और बैंक खातों तथा डिजिटल माध्यमों से धनराशि की ठगी करते थे।पुलिस आयुक्त ने बताया कि गिरोह “नेक्स जेनरेशन इंटरप्राइजेज” और “श्री श्याम इंटरप्राइजेज” जैसी फर्जी फर्मों का इस्तेमाल करता था। साइबर अपराधों में वीआईपी, योनो एसबीआई, पे वॉलेट, जियो मार्ट, फ्लिपकार्ट, अमेजन, इंडियन गैस, टेलीग्राम, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम समेत कई डिजिटल प्लेटफॉर्म के नामों का दुरुपयोग किया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 लैपटॉप, 8 स्मार्टफोन, 42 कीपैड फोन, 12,383 सिम कार्ड, 40 एटीएम कार्ड, बायोमेट्रिक मशीन, फिंगरप्रिंट स्कैनर, वाई-फाई राउटर, बैंक स्वाइप मशीन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।एनसीआरपी पोर्टल पर उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड और राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों से प्राप्त शिकायतों की जांच में लगभग 36 लाख रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।