हमीरपुर पुल हादसे की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच हो: अजय राय

हमीरपुर पुल हादसे की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच हो: अजय राय

लखनऊ, 1 जून । उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल के ध्वस्त होने की घटना को अत्यंत दुखद और गंभीर बताते हुए इसकी उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह हादसा प्रदेश की निर्माण व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और श्रमिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।श्री राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मांग की कि मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए तथा वास्तविक तथ्यों को जनता के सामने लाया जाए। उन्होंने कहा कि इस घटना में प्रशासनिक लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी के नेतृत्व में दुर्घटनास्थल का दौरा कर प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार हादसे से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं।कांग्रेस का दावा है कि स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि दुर्घटना में प्रभावित लोगों की वास्तविक संख्या और मृतकों का सही आंकड़ा अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। कुछ मजदूरों के मोबाइल फोन घटना के बाद से बंद बताए जा रहे हैं, जिससे उनके परिजनों में चिंता बनी हुई है।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि मलबे के आसपास दुर्गंध महसूस की गई, जिसके आधार पर स्थानीय लोगों ने आशंका व्यक्त की कि अभी भी कुछ श्रमिक मलबे में दबे हो सकते हैं। कांग्रेस ने मांग की कि पूरे क्षेत्र का तकनीकी सर्वेक्षण और स्वतंत्र सत्यापन कराया जाए ताकि किसी भी मानवीय क्षति को छिपाया न जा सके।लगभग 92.52 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुल के अचानक ध्वस्त होने पर सवाल उठाते हुए अजय राय ने कहा कि यदि निर्माणाधीन संरचना अपने ही भार को नहीं संभाल सकी और पिलर, स्लैब तथा स्टील संरचनाएं एक साथ गिर गईं, तो निर्माण गुणवत्ता, तकनीकी मानकों के अनुपालन और कार्यदायी संस्था की जवाबदेही की गहन जांच आवश्यक है।

कांग्रेस ने मांग की है कि मामले की जांच उच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश या स्वतंत्र उच्चस्तरीय आयोग से कराई जाए। साथ ही निर्माण कार्य से जुड़े तकनीकी अभिलेख, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट, भुगतान विवरण और अनुबंध सार्वजनिक किए जाएं।

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