
नयी दिल्ली, 02 जून। उच्चतम न्यायालय में नियुक्त किए गए पांच नए न्यायाधीशों ने मंगलवार को पद की शपथ ले ली। इसके साथ ही शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने उच्चतम न्यायालय के ऑडिटोरियम में आयोजित एक समारोह में न्यायमूर्ति शील नागू, न्यायमूर्ति श्रीचंद्रशेखर, न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति अरुण पल्ली के साथ-साथ वरिष्ठ अधिवक्ता वी मोहना को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम द्वारा पिछले महीने की गई सिफारिशों के बाद केंद्र सरकार ने सोमवार को नियुक्तियों की अधिसूचना जारी की थी।
शपथ लेने वाले न्यायाधीशों में न्यायमूर्ति शील नागू पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे जबकि न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर बम्बई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे।
न्यायमुर्ति संजीव सचदेवा मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे वहीं न्यायमूर्ति अरुण पल्ली जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में सेवाएं दे रहे थे।
वरिष्ठ अधिवक्ता वी मोहना उच्चतम न्यायालय में ही वकालत कर रही थीं। वह बार काउंसिल के उन गिने-चुने सदस्यों में शामिल हैं, जिन्हें सीधे शीर्ष अदालत के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने ही एक अध्यादेश के जरिए शीर्ष न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 की गयी थी। अब इन पांच न्यायाधीशों की नियुक्ति के साथ वर्तमान में केवल एक सीट खाली रह गयी है।