
लखनऊ, 03 जून । उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के शहरी परिवहन तंत्र को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 18 शहरों में 1725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव समेत कुल 24 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।बैठक के बाद वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पत्रकारों को बताया कि राज्य सरकार ने ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल के तहत 18 शहरों में 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का निर्णय लिया है। इस योजना का उद्देश्य नगरीय परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित, आधुनिक, सुविधाजनक और प्रदूषण मुक्त बनाना है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी तथा नोएडा (जेवर सहित) में नौ मीटर और 12 मीटर श्रेणी की कुल 1725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी।
श्री खन्ना ने कहा कि बसों का संचालन निजी ऑपरेटरों के माध्यम से जीसीसी मॉडल पर किया जाएगा और अनुबंध की अवधि वाणिज्यिक संचालन शुरू होने की तिथि से 12 वर्ष होगी। योजना के अंतर्गत बसों की खरीद, चार्जिंग अवसंरचना की स्थापना, चालकों और तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता, बसों का संचालन तथा रखरखाव की संपूर्ण जिम्मेदारी निजी ऑपरेटरों की होगी। राज्य सरकार निर्धारित मानकों के आधार पर उन्हें संचालन एवं अनुरक्षण शुल्क का भुगतान करेगी।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत 12 मीटर लंबी प्रत्येक इलेक्ट्रिक बस पर 40 लाख रुपये तथा नौ मीटर बस पर 35 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। परियोजना के लिए आवश्यक डिपो निर्माण हेतु भूमि संबंधित नगर निगमों तथा नोएडा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। बस किराया और अन्य उपयोगकर्ता शुल्क का निर्धारण राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना से प्रदेश के प्रमुख शहरों में सार्वजनिक परिवहन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी तथा यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही निजी निवेश को बढ़ावा मिलने से सरकारी वित्तीय भार भी कम होगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में नगरीय परिवहन निदेशालय द्वारा प्रदेश के 15 नगर निगम क्षेत्रों में 743 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। नई योजना के लागू होने के बाद प्रदेश में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क और अधिक सुदृढ़ होगा तथा शहरी क्षेत्रों में यातायात सुविधाओं को नई गति मिलेगी।
श्री खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक शहरी अवसंरचना विकास को प्राथमिकता दे रही है। इसी नीति के अनुरूप इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्रोत्साहित करने तथा नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए यह निर्णय लिया गया है।