ईंधन अधिभार वसूली को लेकर उपभोक्ता परिषद ने पावर कॉरपोरेशन पर लगाया नियम उल्लंघन का आरोप

ईंधन अधिभार वसूली को लेकर उपभोक्ता परिषद ने पावर कॉरपोरेशन पर लगाया नियम उल्लंघन का आरोप

लखनऊ, 4 जून । उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) पर विद्युत नियामक आयोग के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।परिषद ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 142 और 146 के तहत अवमानना एवं विधिक कार्रवाई का प्रस्ताव दायर किया है।

परिषद के अध्यक्ष एवं राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि आयोग द्वारा 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार (फ्यूल सरचार्ज) की प्रस्तावित वसूली को नियमों के विपरीत करार दिए जाने के बावजूद पावर कॉरपोरेशन ने कथित रूप से बिलिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव कर उपभोक्ताओं से यह राशि वसूलनी शुरू कर दी है।उन्होंने कहा कि आयोग ने एक जून को जारी अपने आदेश में जून माह में प्रस्तावित 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार की वसूली को मल्टी ईयर टैरिफ रेगुलेशन-2025 की धारा 16(1) के विपरीत बताते हुए इसे अवैध माना था। साथ ही पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक से सात दिनों के भीतर रिपोर्ट भी मांगी गई थी।

उपभोक्ता परिषद का आरोप है कि आयोग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद बिजली वितरण कंपनियों ने बिलिंग प्रणाली में संशोधन कर वसूली जारी रखी है। परिषद के अनुसार यह नियामक आयोग के आदेश की खुली अवहेलना है और इससे प्रदेश के लगभग 3.73 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।वर्मा ने कहा कि यदि कोई आदेश आयोग द्वारा गैरकानूनी घोषित किया जा चुका है तो उसके आधार पर की जा रही वसूली भी वैध नहीं मानी जा सकती। उन्होंने दावा किया कि जिन उपभोक्ताओं से यह अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है, उन्हें भविष्य में यह धनराशि वापस करनी पड़ेगी।

परिषद ने मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से हस्तक्षेप कर मामले की जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। परिषद का कहना है कि भीषण गर्मी के दौर में उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालना जनहित के विपरीत है। हालांकि, इस मामले में पावर कॉरपोरेशन का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी शेष है। आयोग में दायर प्रस्ताव और नियामकीय प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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