
नयी दिल्ली, 09 जून । हर वर्ल्ड कप नए स्टार्स को जन्म देता है। कुछ को लोग जानते हैं, कुछ को नहीं। फीफा वर्ल्ड कप 2026 अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में 11 जून से शुरू होने वाला है, ऐसे में उन 10 खिलाड़ियों पर नज़र डालना दिलचस्प होगा जिनके करियर, मार्केट वैल्यू और ग्लोबल पहचान में अगले कुछ महीनों में सबसे ज़्यादा बदलाव आ सकता है।लैमिन यमल (स्पेन, उम्र 18): फुटबॉल के सबसे होनहार टैलेंट्स में से एक। एक शानदार वर्ल्ड कप उन्हें ‘बैलन डी’ओर’ की चर्चा में तेज़ी से आगे ला सकता है। इतने कम उम्र के खिलाड़ी के लिए यह किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है।
एंड्रिक (ब्राज़ील, उम्र 19): ब्राज़ील का नया वंडरकिड (अद्भुत प्रतिभा वाला युवा)। वर्ल्ड कप उन्हें दक्षिण अमेरिका से बाहर भी घर-घर में पहचाना जाने वाला नाम बनने का मौका देता है।अर्दा गुलेर (तुर्की, उम्र 21): तुर्की की क्रिएटिव जान और शायद 2000 के दशक की शुरुआत वाली पीढ़ी के बाद से उनका सबसे बड़ा टैलेंट।
केनन यिल्डिज़ (तुर्की, उम्र 21): यूरोप के सबसे तेज़ी से उभरते युवा अटैकर्स में से एक और ऐसा खिलाड़ी जो सबसे बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ने की काबिलियत रखता है।वॉरेन ज़ायर-एमरी (फ्रांस, उम्र 20): फ्रांस का अगला मिडफ़ील्ड लीडर, जो ऐसे टूर्नामेंट में आ रहा है जहाँ जगह बनाने के लिए मुकाबला पहले से कहीं ज़्यादा कड़ा है।
बेंजामिन सेस्को (स्लोवेनिया, उम्र 23): एक ज़बरदस्त स्ट्राइकर जो एक देश की उम्मीदें लेकर चल रहा है और कुछ बड़ी टीमों को चौंका सकता है।मोहम्मद अमौरा (अल्जीरिया, उम्र 26): अफ्रीका के सबसे खतरनाक फॉरवर्ड्स में से एक और असल में बड़े मंच पर छाने का दम रखने वाला खिलाड़ी।
फ्रेंको मास्टंटुओनो (अर्जेंटीना, उम्र 18): टूर्नामेंट के सबसे युवा खिलाड़ियों में से एक और अर्जेंटीना का अगला बड़ा टैलेंट माना जाता है।डेसिरे डौए (फ्रांस, उम्र 21): एक ऐसा खिलाड़ी जिसे कई स्काउट्स पहले से ही यूरोप के बेहतरीन युवा टैलेंट्स में गिनते हैं।
सैंटियागो जिमेनेज़ (मेक्सिको, उम्र 25): मेज़बान देश की टीम की कमान संभाल रहे हैं, और उनके पास मैक्सिकन फुटबॉल का चेहरा बनने का मौका है। वर्ल्ड कप में कुछ ही हफ़्तों में फ़ुटबॉल खिलाड़ियों का करियर बदलने की क्षमता होती है। फीफा 2026 वह मौका हो सकता है जब ये खिलाड़ी शानदार टैलेंट से ग्लोबल स्टार बन जाएं।