धर्मेन्द्र प्रधान की पत्नी ने विंध्याचल धाम में की पूजा-अर्चना, चर्चाओं का बाजार गर्म

धर्मेन्द्र प्रधान की पत्नी ने विंध्याचल धाम में की पूजा-अर्चना, चर्चाओं का बाजार गर्म

मिर्जापुर, 10 जून । केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से जुड़े विभिन्न राजनीतिक विवादों और विपक्ष द्वारा उनके इस्तीफे की मांग के बीच उनकी पत्नी मृदुला प्रधान के अचानक विश्व प्रसिद्ध विंध्याचल धाम पहुंचने से राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।बुधवार को मृदुला प्रधान ने मां विंध्यवासिनी देवी के दरबार में पूरे विधि-विधान के साथ दर्शन-पूजन किया और विशेष अनुष्ठान संपन्न कराया। धार्मिक अनुष्ठान का संचालन स्थानीय भाजपा विधायक एवं पुरोहित रत्नाकर मिश्र तथा उनकी टीम ने कराया।

सूत्रों के अनुसार, श्रीमती प्रधान ने मां विंध्यवासिनी के समक्ष मनौती भी मांगी। हालांकि, उनके स्थानीय पुरोहित इस यात्रा को सामान्य धार्मिक यात्रा बता रहे हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के समक्ष उत्पन्न परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है।उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में नीट परीक्षा से जुड़े विवादों और अन्य शैक्षणिक मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को निशाने पर लिया है। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की ओर से भी उनके इस्तीफे की मांग उठाई गई है। ऐसे में मृदुला प्रधान की विंध्याचल यात्रा को लेकर विभिन्न तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

विंध्याचल धाम को देश की प्रमुख सिद्धपीठों में से एक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि राजनीतिक और व्यक्तिगत संकट के समय अनेक प्रमुख नेता मां विंध्यवासिनी के दरबार में आकर पूजा-अर्चना और मनौती करते रहे हैं। मनोकामना पूर्ण होने के बाद पुनः दर्शन कर कृतज्ञता ज्ञापित करने की भी परंपरा रही है।स्थानीय लोगों के अनुसार, देश के कई प्रमुख नेताओं का इस सिद्धपीठ से आस्था का संबंध रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के परिवारों के विंध्याचल आगमन से जुड़ी चर्चाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं।

मृदुला प्रधान की यह विंध्याचल यात्रा पहली बताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने देवी के यहां मनौती से जुड़े सभी धार्मिक अनुष्ठानों को विधिवत संपन्न कराया। हालांकि, स्थानीय विधायक रत्नाकर मिश्र ने किसी विशेष अनुष्ठान को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी करने से परहेज किया।फिलहाल, मृदुला प्रधान की इस यात्रा को लेकर धार्मिक आस्था और राजनीतिक परिस्थितियों के बीच विभिन्न तरह की चर्चाएं जारी हैं। हालांकि, आधिकारिक रूप से इसे एक निजी धार्मिक यात्रा ही बताया जा रहा है।

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