33,033 मेगावाट तक पहुंचेगा यूपी का पीक पावर डिमांड

33,033 मेगावाट तक पहुंचेगा यूपी का पीक पावर डिमांड

लखनऊ, 10 जून । केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए ) की लोड जेनरेशन बैलेंस रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश 2026-27 में भी देश के सबसे बड़े बिजली उपभोक्ता राज्यों में शामिल रहेगा। राज्य का पीक पावर डिमांड 33,033 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है, जो महाराष्ट्र के बाद दूसरा सबसे ऊंचा है।दिलचस्प बात यह है कि सबसे ज्यादा दबाव गर्मियों के पीक महीनों में नहीं दिख रहा। अप्रैल से सितंबर तक मांग ऊंची रहने के बावजूद राज्य सरप्लस में रहने की उम्मीद है। सबसे टाइट स्थिति सितंबर में रहने का अनुमान है, जब मांग 33,033 मेगावाट तक जाएगी और उपलब्धता 33,230 मेगावाट होगी। अप्रैल में 3,204 मेगावाट मई में 1,374 मेगावाट और जून में 640 मेगावाट सरप्लस रहने का अनुमान है।

एक वरिष्ठ ऊर्जा विभाग अधिकारी ने कहा, “अगर उत्पादन और ट्रांसमिशन सिस्टम योजना के अनुसार काम करते हैं तो राज्य गर्मी के मौसम को बिना बड़ी दिक्कत के पार कर लेगा।” पूरे साल में जनवरी 2027 ही एकमात्र महीना है जब पीक डिमांड में घाटा दिख रहा है। उस महीने मांग 28,981 मेगावाट और उपलब्धता 26,440 मेगावाट अनुमानित है, जिससे 2,541 मेगावाट की कमी रह सकती है।पीक डिमांड में यूपी महाराष्ट्र के 36,858 मेगावाट के बाद दूसरे स्थान पर है और गुजरात, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान से आगे है। इससे राज्य की बिजली क्षेत्र में बढ़ती अहमियत उजागर होती है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने दावा किया कि यूपी ने 24 मई की रात 31,824 मेगावाट की आपूर्ति कर पीक डिमांड पूरा करने में राज्यों में शीर्ष स्थान हासिल किया, जो महाराष्ट्र के 29,463 मेगावाट से अधिक है और अब तक किसी राज्य द्वारा दर्ज की गई सबसे ऊंची आपूर्ति है। इससे पहले राज्य का रिकॉर्ड 2025 में 31,486 मेगावाट था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *