
लखनऊ, 10 जून। उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश देश में इतिहास की सर्वाधिक विद्युत आपूर्ति कर रहा है और यह आंकड़ा अन्य राज्यों की तुलना में भी सबसे अधिक है।ऊर्जा मंत्री के अनुसार, गत 8/9 जून की रात को प्रदेश में बिजली की पीक डिमांड 31,678 मेगावाट दर्ज की गई थी। लेकिन 10 जून की रात यह आंकड़ा पार करते हुए 31,894 मेगावाट तक पहुंच गया। यह अब तक की सर्वाधिक पीक डिमांड है। भीषण गर्मी और बढ़ते उपभोग के बीच यह आंकड़ा प्रदेश की बढ़ती बिजली जरूरत को दर्शाता है।
मंत्री ने बताया कि हाल के वर्षों में सरकार ने विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ विद्युत अवसंरचना को भी मजबूत किया है। नए पावर प्लांट, ट्रांसमिशन लाइन और सबस्टेशन की क्षमता बढ़ाकर मांग को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।श्री शर्मा ने कहा है कि इसके बावजूद गर्मी की तीव्रता, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि जैसे प्राकृतिक कारणों से कई जगहों पर बिजली आपूर्ति में अस्थायी चुनौतियां आ जाती हैं।
अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि प्राकृतिक कारणों से होने वाली बाधाओं को पार करके विभाग निरंतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति देने में लगा हुआ है। उन्होंने फील्ड कर्मचारियों को त्वरित मरम्मत और लाइन बहाली के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को न्यूनतम असुविधा हो। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि बढ़ती मांग के इस दौर में उनका संयम और सहयोग जरूरी है।ऊर्जा मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार बिजली आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है और रिकॉर्ड मांग के बावजूद प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।