वोट चोरी के बाद अब ‘सीट चोरी’ पर उतरी भाजपा के खिलाफ चलाएंगे देशव्यापी अभियान : कांग्रेस

वोट चोरी के बाद अब ‘सीट चोरी’ पर उतरी भाजपा के खिलाफ चलाएंगे देशव्यापी अभियान : कांग्रेस

नयी दिल्ली, 11 जून । कांग्रेस ने मोदी सरकार पर ”वोट चोरी” के बाद अब ”सीट चोरी” करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके शासन में महंगाई, बेरोजगारी, संस्थाओं पर हमले और पेपरलीक जैसी अनियमितताएं चल रही हैं जिनके खिलाफ पार्टी जनता के बीच जाकर राष्ट्रीय स्तर पर अभियान शुरु करेगी।कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में गुरुवार को यहां इंदिरा भवन में हुई पार्टी महासचिवों, प्रदेश अध्यक्षों, प्रभारियों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में बताया कि करीब तीन घंटे चली बैठक में विभिन्न मुद्दों पर व्यापक विचार विमर्श के बाद निर्णय लिया गया कि सरकार की नीतियों के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर जल्द ही अभियान शुरु किया जाएगा। अभियान की रूपरेखा पर चार, पांच दिन में विचार विमर्श के बाद निर्णय लेकर इसका खुलासा कर दिया जाएगा।

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं और व्यवस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और भाजपा सरकार की इन कोशिशों के खिलाफ खड़ा होना कांग्रेस की जिम्मेदारी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि एक ही चुनाव आयोग सही नामांकन को खारिज करता है और गलत नामांकन पर नरम रुख अपनाकर उसके नामांकन को स्वीकार कर लेता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया और कहा कि जब इस मामले को लेकर कांग्रेस चुनाव आयोग पहुंची तो उन्हें मिलने का समय तक नहीं दिया गया।श्री वेणुगोपाल ने कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। वोट चोरी के बाद अब उसने सीट चोरी भी शुरु कर दी है। मध्य प्रदेश में जिस तरह से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को खारिज किया गया है वह अत्यंत चिंताजनक है और कांग्रेस इस मामले में राजनीतिक और कानूनी दोनों तरह की लड़ाई लडे़ेगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।

मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन खारिज होने पर गहरी चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र पर गंभीर हमला है। उनका कहना था कि उम्मीदवार के खिलाफ न कोई आपराधिक मामला था, न प्राथमिकी और न ही आरोपपत्र, इसके बावजूद उनका नामांकन खारिज किया गया। दूसरी ओर, झारखंड में भाजपा समर्थित उम्मीदवार के नामांकन पत्र में कई त्रुटियां होने के बावजूद उसे स्वीकार कर लिया गया।उनका आरोप था कि एक तरफ कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द किया जाता है और दूसरी तरफ झारखंड में कई खामियों वाले भाजपा समर्थित उम्मीदवार के नामांकन को मंजूरी दी जाती है। उन्होंने इसे देश के लोकतंत्र के लिए चिंताजनक स्थिति बताया और कहा कि यह सीट कांग्रेस की थी लेकिन उम्मीदवार का नामांकन रद्द करवा दिया गया। इस तरह भाजपा सरकार ने “वोट चोरी” के बाद अब “सीट चोरी” का दौर शुरू कर दिया है।

श्री वेणुगोपाल ने कहा कि बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से आम जनता परेशान है, बेरोजगारी चरम पर है, एमएसएमई क्षेत्र गंभीर संकट से गुजर रहा है और युवाओं के सामने रोजगार का अभूतपूर्व संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि नीट और सीबीएसई परीक्षाओं से जुड़े विवादों तथा लगातार हो रहे पेपर लीक से छात्रों और उनके परिवारों में भारी निराशा है, लेकिन सरकार किसी प्रकार की नैतिक जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इन सभी मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय, राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर तक व्यापक अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनेंगे, उनके संघर्ष में भागीदार बनेंगे और उनकी आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाएंगे। अभियान की विस्तृत रूपरेखा अगले कुछ दिनों में घोषित की जाएगी।

इस बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि ”वोट चोरी” और “सरकार चोरी” के बाद अब भाजपा और निर्वाचन आयोग की मिलीभगत से ”सीट चोरी” भी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए थे और उनके खिलाफ कोई लंबित मामला नहीं था, फिर भी उनका नामांकन खारिज कर दिया गया, जबकि भाजपा समर्थित उम्मीदवार को कथित खामियों के बावजूद सुधार का अवसर दिया गया।श्री गांधी ने कहा “एक ही निर्वाचन आयोग ने दो उम्मीदवारों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया। एक उम्मीदवार को सुनवाई का अवसर दिए बिना अयोग्य ठहरा दिया गया, जबकि दूसरे को नियमों में छूट दी गई। भाजपा के लिए चुनाव जीतने से आसान चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करना हो गया है। एक ही चुनाव आयोग ने दो उम्मीदवारों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया। कांग्रेस उम्मीदवार को बिना सुनवाई का अवसर दिए अयोग्य घोषित कर दिया गया, जबकि दूसरे उम्मीदवार को नियमों का पालन न करने के बावजूद राहत दी गई।”

उन्होंने कहा कि इस मामले में जब कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मिलने का समय मांगा तो आयोग ने पहले मुलाकात से बचने की कोशिश की। बाद में दबाव में बैठक की लेकिन कांग्रेस के सवालों पर कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस तरह की घटनाएं और देखने को मिल सकती हैं, क्योंकि भाजपा के लिए चुनाव जीतने की बजाय चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करना अधिक आसान हो गया है।इससे पहले बैठक का उद्घाटन करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं और व्यवस्थाओं को कमजोर करने की कोशिशों के खिलाफ खड़ा होना कांग्रेस की जिम्मेदारी है। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं और संघर्षों को मजबूती से उठाने का आह्वान किया है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “आज दुर्भाग्य से हम देखते हैं कि जिन संस्थाओं और व्यवस्थाओं को बनाने में दशकों लगे, उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए हमारी जिम्मेदारी केवल राजनीतिक संघर्ष की नहीं, बल्कि भारत के संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा की भी है।”उन्होंने पार्टी नेताओं से जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।

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