
नयी दिल्ली 12 जून । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को यहां एक बैठक में पवित्र अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की और कहा कि सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उसे सुगम तथा सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।श्री शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार श्री अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं की सर्वोच्च सुरक्षा एवं सुगम यात्रा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके तहत यात्रा मार्ग पर केन्द्रीय पुलिस बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस, तथा सभी सुरक्षा एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से कई स्तर पर अभेद्य सुरक्षा ग्रिड स्थापित की जायेगी।
इसके अलावा ड्रोन, सीसीटीवी निगरानी, सर्विलांस सिस्टम तथा अन्य आधुनिक तकनीकों के व्यापक उपयोग के साथ पारंपरिक सुरक्षा तंत्र को और सुदृढ़ किया किया जायेगा। यात्रा के दौरान जम्मू कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शिविर स्थलों पर व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं के पंजीकरण, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आपदा प्रबंधन सहित सभी आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि यात्रा से जुड़े स्थानीय लोगों एवं पशुओं के पंजीकरण अनिवार्य कर क्यू आर कोड युक्त पहचान पत्र जारी किए जाएं। इसके साथ ही पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए शिविर भी लगाए जाएं।यह निर्णय लिया गया कि मौसम की स्थिति एवं पूर्वानुमान के अनुरूप ही श्रद्धालुओं के जत्थों को आगे बढ़ाने की व्यवस्था की जाएगी। यात्रा मार्ग के अतिरिक्त अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी जिससे श्रद्धालु सुरक्षित रूप से पर्यटन का आनंद ले सकें।
पवित्र अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से 28 अगस्त तक होगी। करीब दो महीने तक चलने वाली इस वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 15 अप्रैल को शुरू हुई थी।