
नयी दिल्ली 15 जून । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने नशीले पदार्थों के मुद्दे पर पंजाब की भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि राज्य को खोखले दावों, कॉमेडी-शो जैसे कार्यक्रमों से ध्यान भटकाने वाले कामों या दिखावटी फोटो-ऑप्स की ज़रूरत नहीं है, बल्कि ऐसी सरकार की जरूरत है जो सचमुच शासन करे।श्री सिंह ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खोखले वादे पंजाब की भयानक ज़मीनी हकीकत के बोझ से आधिकारिक तौर पर ढह गये हैं। जो प्रशासन कुछ ही महीनों में ड्रग्स की समस्या को खत्म करने के बड़े-बड़े और नाटकीय दावों के दम पर सत्ता में आया था, उसने शासन चलाने में ‘अभूतपूर्व विफलता’ दिखाई है।”
उन्होंने कहा कि इस शासन के तहत आम नागरिकों की बेबसी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कोटकपुरा की राम बस्ती में कानून का पालन करने वाले आम परिवारों को अपनी दीवारों पर ‘घर बिक्री के लिए है’ के पोस्टर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।भाजपा नेता ने कहा कि यह आर्थिक कारणों से किया गया पलायन नहीं है। यह जीवित रहने के लिए की गयी एक हताश कोशिश है। श्री मान के शासन कार्यकाल में खुलेआम ड्रग्स की तस्करी इतनी बढ़ गयी है कि माता-पिता अपने बच्चों को ‘चिट्टा’ की सर्वव्यापी पकड़ से बचाने के लिए अपने पुश्तैनी घर आधी कीमत पर बेचने को तैयार हैं। इन परिवारों की रक्षा करने के बजाय प्रशासन का तंत्र जनसम्पर्क (पीआर) इकाई की तरह काम करता है। स्थानीय पुलिस इस त्रासदी को महज ‘निजी विवाद’ बताकर कमतर दिखाने की कोशिश करती है ताकि सरकार को राजनीतिक शर्मिंदगी से बचाया जा सके।
श्री सिंह ने कहा कि यह नशा सड़कों से लेकर राज्य के सबसे सुरक्षित इलाकों तक फैली हुई है। होशियारपुर केंद्रीय कारागार का एक कैदी जेल के अंदर से लाइव वीडियो ब्रॉडकास्ट करने में कामयाब रहा, जिसमें उसने खुलेआम ‘आईसीई’ (मेथामफेटामाइन) जैसे सिंथेटिक नशीले पदार्थों का सेवन करते हुए दिखया और आरोप लगाया कि जेल अधिकारी खुद ही आपूर्ति श्रृंखला चेन चला रहे हैं।उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय कार्टेल और स्थानीय तस्कर सरकारी जेलों के अंदर से आसानी से अपने काम को स्ट्रीम कर सकते हैं, तो स्पष्ट है कि राज्य सरकार बहुत प्रचारित ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान महज एक बेअसर मीडिया स्टंट है।
भाजपा नेता ने कहा कि आप सरकार ने संरचनात्मक क्रांति का वादा किया था लेकिन उसने केवल एक दुखद स्थिति दी है जहाँ ड्रग माफिया बिना किसी डर के काम करते हैं जबकि आम नागरिक डर के साये में जीते हैं। फरीदकोट की सड़कों के कोनों से लेकर होशियारपुर के उच्च सुरक्षा वाले बैरकों तक मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व वाले राज्य तंत्र ने राज्य के युवाओं को पूरी तरह से ड्रग माफिया के हवाले कर दिया है।