
एटा, 15 जून । उत्तर प्रदेश के एटा जिले में हाईटेंशन विद्युत लाइन को लेकर महिलाओं के विरोध के कारण करीब 12 घंटे तक एक दर्जन मोहल्लों की बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लगभग चार हजार उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी और पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकोहाबाद फीडर के अंतर्गत नगला चंदन लालपुर क्षेत्र में सोमवार देर रात लगभग 11 बजे 11 केवी विद्युत लाइन का तार टूट गया था। सूचना मिलने पर विद्युत विभाग की टीम मरम्मत कार्य के लिए मौके पर पहुंची, लेकिन स्थानीय महिलाओं ने काम नहीं करने दिया।विरोध कर रही महिलाओं का कहना था कि उनके घरों के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन उनके लिए लगातार खतरा बनी हुई है। उनका आरोप था कि विभाग से कई बार लाइन हटाने की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। महिलाओं ने स्पष्ट किया कि जब तक लाइन को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया जाएगा, तब तक वे मरम्मत कार्य नहीं होने देंगी।
बताया जाता है कि विद्युत कर्मियों के साथ पहुंची पुलिस भी महिलाओं को समझाने में सफल नहीं हो सकी और दोनों विभागों को मौके से लौटना पड़ा। इसके बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों ने कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कराई। बिजली आपूर्ति बाधित होने से सुनहरी नगर, प्रेम नगर, बापू नगर, हाजीपुरा, अवंतीबाई नगर, भगीपुर, शिकोहाबाद रोड, लालपुर, जीआईसी कॉलोनी, राधा विहार सहित लगभग एक दर्जन मोहल्लों के हजारों उपभोक्ताओं को पूरी रात उमस भरी गर्मी में बितानी पड़ी। बिजली न होने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित रही और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता संदीप पाण्डेय ने बताया कि उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य को सुरक्षित ढंग से पूरा कराने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गई है।
मुख्य अभियंता ने बताया कि इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा से भी वार्ता की गई है और विद्युत कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन की सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच कर स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए।