
कानपुर, 15 जून । कानपुर नगर कमिश्नरेट पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को भयभीत कर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि थाना शिवराजपुर पुलिस एवं साइबर क्राइम सेल की संयुक्त कार्रवाई में इस संगठित गिरोह का खुलासा हुआ। गिरोह के सदस्य स्वयं को पुलिस, सीबीआई तथा अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को फर्जी मामलों में फंसाने और गिरफ्तारी का भय दिखाकर उनसे धनराशि वसूलते थे।जांच में यह भी सामने आया कि ठगी से प्राप्त धनराशि को पी-टू-पी ट्रेडिंग के माध्यम से यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) में परिवर्तित किया जाता था, जिससे धन के स्रोत को छिपाया जा सके। एनसीआरपी एवं प्रतिबिंब पोर्टल से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह गिरोह पिछले लगभग तीन वर्षों से सक्रिय था और देशभर में करीब 2,500 लोगों को अपना शिकार बनाकर 15 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी कर चुका है। ठगी की रकम के लेनदेन के लिए गिरोह द्वारा 450 से अधिक फर्जी एवं किराए के बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान गिरोह से जुड़े छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अशरफ खान, सूरज कुमार, राजन कटियार, राजदीप, भीमरतन कुमार एवं कमल के रूप में हुई है। अभियुक्तों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, एक टैबलेट, 10 बैंक पासबुक, दो चेकबुक तथा 12 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह के खिलाफ उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, तमिलनाडु, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं।पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(2), 318(4) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के तहत अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।