पता लगाया जा रहा है कि कौन सा योग किस बीमारी में सहायक हो सकता है: जाधव

पता लगाया जा रहा है कि कौन सा योग किस बीमारी में सहायक हो सकता है: जाधव

नयी दिल्ली, 15 जून। केन्द्रीय आयुष मंत्रालय भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के साथ मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कौन सा योग किस बीमारी के उपचार में सहायक हो सकता है।केन्द्रीय आयुष मंत्री प्रताव राव जाधव ने सोमवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि उनका मंत्रालय आईसीएमआर और अन्य चिकित्सा अनुसंधान संस्थानों के साथ मिलकर यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि किस तरह की बीमारी में कौन सा योग किया जाये, जिससे मरीज जल्दी स्वस्थ हो सके।

इक्कीस जून को वैश्विक स्तर पर आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की जानकारी देने के लिए यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में श्री जाधव ने कहा कि 2014 के बाद से योग को वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। इस बार 21 जून को भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के सहयोग से दुनिया भर के 210 से अधिक मिशनों के माध्यम से 2500 योग से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि 190 से अधिक देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। योग दुनिया में जन आंदोलन बनता जा रहा है।उन्होंने बताया कि इस वर्ष बुजुर्गों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ रखी गयी है। यह आयु बढ़ने के साथ स्वास्थ्य, सक्रियता और मानसिक स्वास्थ्य का निरंतर ख्याल रखने पर जोर देने के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से किया गया है।

श्री जाधव ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि वाम दलों और तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में योग के प्रचार-प्रसार के लिए खास प्रयास नहीं किये गये। इसलिए अब राज्य में योग को बढ़ावा देने की कोशिश के तहत अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर मुख्य कार्यक्रम कोलकाता में आयोजित किया जायेगा। स्वामी विवेकानंद ने योग को पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाने में महती योगदान दिया था। इस बात को भी ध्यान में रखते हुए कोलकाता में 21 को योग का मुख्य कार्यक्रम रखा गया है।उन्होंने बताया कि कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित होने वाले योग के मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शामिल होंगे। इस मौके पर वहां के लोगों से घरों से बाहर निकल कर योग करने की अपील की गयी। मुख्य कार्यक्रम के बाद हुगली नदी में 500 नौकाओं पर योगासन किये जायेंगे।

आयुष मंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय 100 स्थानों पर विशेष योग कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसके अलावा संस्कृति मंत्रालय योग के प्रचार-प्रसार के लिए कई अन्य कार्यक्रम भी चला रहा है। उन्होंने बताया कि स्कूलों में योग को स्कूली शिक्षा का अभिन्न अंग बनाया गया है। केंद्र सरकार के निर्देशों और नयी शिक्षा नीति के तहत इसे विभिन्न रूपों जैसे पाठ्यक्रम, प्रार्थना सभा और शारीरिक शिक्षा के रूप में स्कूलों में शामिल किया गया है।श्री जाधव ने कहा कि स्कूलाें में योग को शिक्षा का अंग बनाये जाने से बड़ी संख्या में योग प्रशिक्षकों की आवश्यकता होगी और इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आयुष मंत्रालय के अधीन योग सर्टिफिकेशन बोर्ड गठित किया गया है, जहां से छह लाख प्रमाणपत्र निर्गत किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि योग को ओलंपिंक खेलों में शामिल करने के भी प्रयास किये जा रहे हैं। योग को एशियाई खेलाें में शामिल कर लिया गया है और नगाेया, जापान में भी 2026 में आयोजित होने वाले एशियाड में यह प्रदर्शक खेल के रूप किया जायेगा।

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