
वॉशिंगटन, 16 जून । अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ नये समझौते की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक क्षण बताया और कहा कि ट्रंप प्रशासन ने इस समझौते के जरिये अपने मुख्य उद्देश्यों को हासिल कर लिया है, जो आने वाले दशकों में पूरी तरह पश्चिम एशिया की सूरत बदल सकता है।वेंस ने एक साक्षात्कार में कहा, “मुझे लगता है कि यह अमेरिका के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक क्षण है, जिसका श्रेय निश्चित रूप से राष्ट्रपति के नेतृत्व और पूरी टीम की कड़ी मेहनत को जाता है।”
इस बीच, अमेरिका ने साफ किया है कि समझौते के तहत ईरान को अमेरिकी करदाताओं का एक भी पैसा नहीं दिया जायेगा, लेकिन यदि ईरान शर्तों का पालन करता है तो प्रतिबंधों में राहत देकर अन्य देशों के लिए वहां निवेश के रास्ते खोले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि ईरान वैश्विक अर्थव्यवस्था में फिर से शामिल होता है, तो आर्थिक अवसर जरूर सामने आ सकते हैं।श्री वेंस ने कहा, “हमने जो कहा है वह यह है कि कई प्रतिबंधों को हटाने और ईरान को वापस वैश्विक अर्थव्यवस्था में शामिल करने से अमेरिका को काफी आर्थिक लाभ होगा। इसमें अमेरिकी पैसा शामिल नहीं होगा, लेकिन इससे भारी आर्थिक समृद्धि आ सकती है।”
इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम को लेकर अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि रविवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ एक सहमति पत्र (एमओयू) पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर किये हैं, जबकि ईरान की ओर से वहां की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलिबाफ ने दस्तखत किये हैं।इस समझौते का मसौदा जल्द ही जारी किया जायेगा। इसके बाद तकनीकी चर्चाओं का अगला दौर खुद उपराष्ट्रपति वेंस के नेतृत्व में शुरू होगा।