
मैड्रिड, 31 जुलाई । मोरक्को की सीमा पार कर लगभग 50,000 प्रवासियों के स्पेन के स्यूटा क्षेत्र में घुसने के प्रयास के दौरान कम से कम 41 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।
यह हादसा बड़ी संख्या में प्रवासियों के पहुंचने और बाड़ पार करते समय हुई भगदड़ के कारण हुआ। हालात बेकाबू होते देख स्पेन सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है और स्यूटा में अतिरिक्त सैनिकों तथा पुलिस बल को तैनात कर दिया है।
स्यूटा के नेता जुआन जीसस विवाज़ और स्थानीय अधिकारियों ने इसे गंभीर मानवीय संकट करार दिया है। उनका कहना है कि भारी संख्या में प्रवासियों के आने से संसाधन कम पड़ गए हैं और बिना किसी आश्रय के हजारों लोग, जिनमें बेसहारा बच्चे भी शामिल हैं, पार्कों और सड़कों पर सोने को मजबूर हैं।
स्पेन के गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि प्रवासी संकट शुरू होने के बाद से अब तक 50,000 लोग अवैध रूप से स्पेन में प्रवेश कर चुके हैं। गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का के मंत्रालय ने बताया कि इनमें से करीब 25,000 लोग स्वेच्छा से मोरक्को लौट चुके हैं।
इस बीच, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ स्यूटा पहुंचे। उन्होंने घटना पर कहा, “जो हुआ, वह स्पेन की क्षेत्रीय अखंडता पर हमला और उसका उल्लंघन था।” उन्होंने प्रवासियों की जल्द से जल्द मोरक्को वापसी सुनिश्चित करने में सहयोग के लिए मोरक्को का धन्यवाद किया। साथ ही, स्यूटा की सीमा पर बने तटबंध के पास तैरती हुई सुरक्षा बाधाएं लगाने की घोषणा की, ताकि समुद्र के रास्ते होने वाली अवैध घुसपैठ को रोका जा सके।
हाल ही में स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि स्यूटा या मेलिला पहुंचने की कोशिश करते वक्त रोके गए प्रवासियों को तुरंत मोरक्को वापस नहीं भेजा जा सकता। स्पेन के गृह मंत्रालय का कहना है कि मानव तस्करी करने वाले गिरोह अदालत के इस फैसले का फायदा उठा रहे हैं और प्रवासियों को अवैध रूप से सीमा पार करने के लिए उकसा रहे हैं।
पिछले कई दिनों से स्यूटा पहुंचने की कोशिश करने वाले प्रवासियों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। गुरुवार को हजारों लोग कंक्रीट के तटबंधों से उतरकर समुद्र में कूद गए और तैरकर सीमा पार करने की कोशिश की।
प्रवासियों की मदद के लिए स्पेन के समुद्र तट पर रबर रिंग और बचाव उपकरण तैनात किए गए। कई लोग स्यूटा पहुंचने में सफल रहे और खुशी मनाते दिखे, लेकिन इस कोशिश में 12 से अधिक लोगों की डूबकर मौत हो गई।
फिलहाल यह साफ नहीं है कि मोरक्को से अवैध रूप से सीमा पार करने की कोशिशें अचानक इतनी क्यों बढ़ गईं और वहां के अधिकारियों ने इन्हें रोकने के लिए कितने प्रभावी कदम उठाए।
स्यूटा संकट के कारण यूरोपीय देशों के बीच राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने संकेत दिया कि वह स्पेन के साथ खुली सीमा वाले शेंगेन समझौते को निलंबित करने पर विचार कर रही हैं। इस पर पलटवार करते हुए स्पेन के विदेश मंत्री होज़े लुइस अल्बारेस ने कहा कि इटली राजनीतिक फायदे के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक सहयोगी देश से इस तरह की भड़काऊ बयानबाजी की उम्मीद नहीं थी और संकट के इस समय में यूरोप को एकजुटता दिखानी चाहिए।
उत्तरी मोरक्को के तट पर स्थित स्पेन के स्वायत्त शहर स्यूटा और मेलिला जिब्राल्टर जलडमरूमध्य के कारण स्पेन की मुख्य भूमि से अलग हैं। अफ्रीका में ये दोनों ही ऐसे शहर हैं, जहां से यूरोपीय संघ की जमीनी सीमा लगती है। इसी वजह से अफ्रीका से यूरोप पहुंचने की कोशिश करने वाले प्रवासियों के लिए ये शहर लंबे समय से सबसे अहम प्रवेश मार्ग बने हुए हैं।