
वाशिंगटन, 14 सितंबर । अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने कहा कि अमेरिकी व्यस्क नागरिकों को 5,000 डॉलर का ‘लाभांश’ चेक भेजने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रस्ताव के लिए अमेरिकी संसद (कांग्रेस) की मंजूरी की जरुरी होगी।श्री जॉनसन की टिप्पणी राष्ट्रपति ट्रंप और उनके प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के बयानों से अलग है। श्री ट्रंप और वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिया था कि ये भुगतान संसद (कांग्रेस) की मंजूरी के बिना भी जारी किए जा सकते हैं। इस योजना पर हालांकि संभावित रूप से 1.3 लाख करोड़ डॉलर से अधिक का खर्च आ सकता है।
सीएनएन को दिये साक्षात्कार में श्री जॉनसन ने कहा, “उन्हें इस पर कदम उठाने के लिए संसद की मंजूरी लेनी होगी।”मीडिया के यह पूछने पर कि क्या वे चेक जारी होने की गारंटी दे सकते हैं। श्री जॉनसन ने कहा, “मैं यह भरोसा दिला सकता हूं कि संसद इस प्रक्रिया को आगे बढ़ायेगी और अन्य मुद्दों की तरह इस पर भी सहमति कायम करेगी।”
श्री ट्रम्प ने इस सप्ताह डलास में रिपब्लिकन पार्टी के मध्यावधि सम्मेलन के दौरान इस प्रस्ताव का खुलासा किया था। उन्होंने कहा था कि यदि रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों पर अपना नियंत्रण बरकरार रखती है, तो वे 5,000 डॉलर के भुगतान का आदेश देंगे, जिसे उन्होंने ‘ट्रम्प डिविडेंड’ नाम दिया है।श्री ट्रम्प और प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने कहा है कि इस भुगतान का वित्तपोषण टैरिफ से होने वाली आय, निवेश से मिलने वाले लाभ और अन्य सरकारी राजस्व के माध्यम से किया जा सकता है।
रविवार को आयरलैंड से रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए श्री ट्रम्प ने कहा, “5,000 डॉलर के चेक भेजने की योजना आगे बढ़ रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि वे कुछ समय पहले से इस पर विचार कर रहे थे।जब उनसे पूछा गया कि अभी संसद में रिपब्लिकन का नियंत्रण है तो यह भुगतान अभी क्यों नहीं किया जा सकता, तो श्री ट्रम्प ने उत्तर दिया, “क्योंकि यदि डेमोक्रेट सत्ता में आ गई, तो हमारा देश बदहाल स्थिति में पहुंच जायेगा।”इस प्रस्ताव को रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों ही दलों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। अर्थशास्त्रियों और सांसदों ने भी संघीय घाटे और मुद्रास्फीति पर इतने बड़े प्रोत्साहन पैकेज के संभावित प्रभाव को लेकर चिंताएं व्यक्त की हैं।
इसके बावजूद, श्री ट्रम्प लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि यह भुगतान प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।